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हैंडपंप दे गए जवाब, अब ट्यूबवेल ही सहारा
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श्रीनगर (महोबा)। ग्राम पंचायत केमाहा के मजरा छोटी एवं बड़ी टपरिया गांव के हैंडपंप सही न कराए जाने से गांव में पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों को प्यास बुझाने के लिए गांव के बाहर कुआं एवं ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान ने हैंडपंप को सही कराए जाने के लिए कई बार जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
कबरई विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत केमाहा उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर है। इसके अंतर्गत छोटी एवं बड़ी टपरिया गांव आते हैं। पेयजल के लिए गांव में हैंडपंप ही सहारा है लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी हैंडपंपों को सही नहीं कराया गया। इससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान सत्यपाल सिंह बताते हैं कि उन्होंने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर दो बार हैंडपंप सही कराए जाने की शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन नतीजा सिफर रहा। गांव में पेयजल संकट बना हुआ है। ग्राम पंचायत अधिकारी कामता वर्मा का कहना है कि गांव के अधिकांश हैंडपंप रिबोर की स्थिति में है उनको सही कराया जाएगा।
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कबरई विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत केमाहा उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर है। इसके अंतर्गत छोटी एवं बड़ी टपरिया गांव आते हैं। पेयजल के लिए गांव में हैंडपंप ही सहारा है लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी हैंडपंपों को सही नहीं कराया गया। इससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्राम प्रधान सत्यपाल सिंह बताते हैं कि उन्होंने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर दो बार हैंडपंप सही कराए जाने की शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन नतीजा सिफर रहा। गांव में पेयजल संकट बना हुआ है। ग्राम पंचायत अधिकारी कामता वर्मा का कहना है कि गांव के अधिकांश हैंडपंप रिबोर की स्थिति में है उनको सही कराया जाएगा।
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