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Mahoba News: वार्ड तैयार, डाॅक्टर तैनात... जांच किट ही नहीं

Wed, 09 Sep 2026 12:43 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 12:43 AM IST
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Ward ready, doctors deployed... but no testing kits.
फोटो 08 एमएएचपी 10 परिचय-जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में बनाया गया छह बेड का आईसोलेशन कक्ष। संवा
महोबा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ रहे हैं। इसके इलाज और पहचान के लिए अलर्ट जारी किया गया है। बावजूद इसके स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों की रेपिड जांच के लिए अब तक जिला अस्पताल में जांच किट उपलब्ध नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रशासन ने किट की व्यवस्था के लिए डिमांड लगाई है।
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जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में छह बेड का आइसोलेशन कक्ष बनाया गया है। यहां तीन शिफ्टों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगाए जाने की बात कही जा रही है। बावजूद इसके अभी तक संभावित मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि के लिए रेपिड जांच के लिए किट उपलब्ध नहीं हो सकीं। हालांकि अस्पताल में दवाओं की व्यवस्था कर ली गई है। जिले में भले ही स्वाइन फ्लू के एक भी मामले की पुष्टि न हुई हो। फिर भी ऐसे मरीज हर रोज आ रहे हैं जिनमें स्वाइन फ्लू जैसे मिलते-जुलते लक्षण हैं।
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डॉक्टर मरीजों को सामान्य बुखार की दवाएं देकर घर पर आराम करने की सलाह दे रहे हैं लेकिन उन्हें स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं माना जा रहा है। इसके पीछे वजह है कि जिले में संदिग्ध मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है और न ही सैंपल लिए जा रहे हैं। विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सीएचसी-पीएचसी स्तर पर भी व्यवस्थाएं पूरी हैं लेकिन धरातल पर सिर्फ खानापूरी हो रही है।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए छह बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। फिलहाल संभावित लक्षण के मरीज सामने नहीं आए हैं। सीएमओ कार्यालय से जिला अस्पताल में जांच किट उपलब्ध कराई जानी है। जल्द ही जांच किट आने की उम्मीद है।


इन लक्षण वाले मरीजों की होनी है स्क्रीनिंग
गाइडलाइन के अनुसार स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षणों में तेज बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिर दर्द, बदन दर्द, ठंड लगना व आंखों में लालिमा होना है। छींक और खांसी के साथ वायरस पड़ोसी में भी फैल सकता है। ऐसे मरीजों की स्क्रीनिंग कराई जानी है। मास्क लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आइसोलेशन, ए व बी श्रेणी के अनुसार वैक्सीनेशन भी अहम बताया गया है।
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