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Mahoba News: कार्यों का भुगतान न होने पर भड़के ग्रामीण, जल संयंत्र पर जड़ा ताला
Thu, 12 Mar 2026 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Thu, 12 Mar 2026 12:20 AM IST
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श्रीनगर (महोबा)। धवर्रा-सिजवाहा ग्रामीण पेयजल योजना का कार्य कर रही कंपनी की ओर से काम करने वाले लोगों का भुगतान 11 माह से नहीं किया गया। काम में लगे लोगों ने बुधवार को हंगामा करते हुए कंपनी पर बेईमानी करने का आरोप लगाया। आक्रोशित लोगों ने जल शोधन संयंत्र पर ताला लगाकर नारेबाजी की। सूचना पर पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया और प्रशासन से शिकायत करने की बात कही।
थाना श्रीनगर के इमलिया गांव निवासी बालेंद्र सिंह, बिलरही गांव निवासी अरुण यादव, चरखारी निवासी रमेश कुशवाहा, ऊजरा निवासी सुखनंदन, पृथ्वीपुरा निवासी रामकुमार समेत 30 से अधिक ग्रामीण बुधवार को उर्मिल बांध के पास स्थित फुटेरा के जल शोधन संयंत्र पहुंचे। यहां पर ताला बंद कर ग्रामीणों ने नारेबाजी की। बताया कि पेयजल योजना का कार्य करने वाली कंपनी की ओर से उनसे जेसीबी, ट्रैक्टर आदि से करीब 11 महीने से काम कराया जा रहा है। जिसका अब तक भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान न होने से उनका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कंपनी से उनके साथ अन्य मजदूरों का भी करीब 30 लाख रुपये बकाया है, जिसे कम्पनी के अधिकारी अदा नहीं कर रहे हैं। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराकर थाने चलने को कहा। थानाध्यक्ष जयचंद्र सिंह का कहना है कि ग्रामीणों से प्रार्थना पत्र लेकर कंपनी के अधिकारियों व जल निगम के अभियंता से बातचीत की गई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने रुपयाें के भुगतान के लिए एडीएम के पास जाकर शिकायत करने को कहा है। उधर, जल निगम के एक्सईएन संदेश सिंह तोमर ने बताया कि कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर से जानकारी मांगी गई है। इसके बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा। वहीं, कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर रवि द्विवेदी का कहना है कि भुगतान संबंधी मामला संज्ञान में आया है। उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है। जांच के बाद ग्रामीणों का जो भी भुगतान होगा, वह कराया जाएगा।
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थाना श्रीनगर के इमलिया गांव निवासी बालेंद्र सिंह, बिलरही गांव निवासी अरुण यादव, चरखारी निवासी रमेश कुशवाहा, ऊजरा निवासी सुखनंदन, पृथ्वीपुरा निवासी रामकुमार समेत 30 से अधिक ग्रामीण बुधवार को उर्मिल बांध के पास स्थित फुटेरा के जल शोधन संयंत्र पहुंचे। यहां पर ताला बंद कर ग्रामीणों ने नारेबाजी की। बताया कि पेयजल योजना का कार्य करने वाली कंपनी की ओर से उनसे जेसीबी, ट्रैक्टर आदि से करीब 11 महीने से काम कराया जा रहा है। जिसका अब तक भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान न होने से उनका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कंपनी से उनके साथ अन्य मजदूरों का भी करीब 30 लाख रुपये बकाया है, जिसे कम्पनी के अधिकारी अदा नहीं कर रहे हैं। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराकर थाने चलने को कहा। थानाध्यक्ष जयचंद्र सिंह का कहना है कि ग्रामीणों से प्रार्थना पत्र लेकर कंपनी के अधिकारियों व जल निगम के अभियंता से बातचीत की गई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने रुपयाें के भुगतान के लिए एडीएम के पास जाकर शिकायत करने को कहा है। उधर, जल निगम के एक्सईएन संदेश सिंह तोमर ने बताया कि कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर से जानकारी मांगी गई है। इसके बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा। वहीं, कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर रवि द्विवेदी का कहना है कि भुगतान संबंधी मामला संज्ञान में आया है। उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है। जांच के बाद ग्रामीणों का जो भी भुगतान होगा, वह कराया जाएगा।
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