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सब्जी पौध उत्पादन के लिए अपनाएं प्रो ट्रे तकनीक
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महोबा। कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल में कृषकों के लिए बागवानी फसलों की पौधशाला प्रबंधन विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें 25 किसान मौजूद रहे।
उद्यान वैज्ञानिक बृजेश पांडेय ने किसानों को सब्जी पौध उत्पादन, फलदार वृक्षों की पौध तैयार करने की तकनीक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सब्जी पौध उत्पादन के लिए किसान प्रो ट्रे तकनीक का प्रयोग कर कम बीज की मात्रा में अधिक क्षेत्रफल के लिए पौध तैयार कर सकते हैं। इस तकनीक में प्लास्टिक ट्रे के अतिरिक्त नारियल के छिलके की भूसी, केंचुआ खाद की सहायता से खाद तैयार की जाती है। इस तकनीक से लगभग हर बीज पौध तैयार हो जाती है। साथ ही रोपाई के बाद पौधे जीवित रहते हैं और फसल भी एक सप्ताह पहले तैयार हो जाती है। उन्होंने किसानों को बडिंग विधि से बेर की किस्म सुधारने का तरीका बताया। इसको लेकर देसी बेर की जमीन के आस-पास 1 से 1.5 सेमी. मोटी शाखा पर अच्छी किस्म की समान मोटाई वाली शाखा की गांठ को निकालकर बांधनी होती है।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद ने बताया कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाकर किसान अपनी फसल को बेहतर दाम व कृषि लागत कम कर सकते हैं। जैतपुर विकास खंड में किसानों के लिए एक संगठन बनाया जा रहा है। केंद्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ. गौरव ने किसानों को जैविक खेती के आयामों के बारे में, गृह विज्ञानी डॉ. अमृता सिंह ने तकनीकी जानकारी दी।
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उद्यान वैज्ञानिक बृजेश पांडेय ने किसानों को सब्जी पौध उत्पादन, फलदार वृक्षों की पौध तैयार करने की तकनीक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सब्जी पौध उत्पादन के लिए किसान प्रो ट्रे तकनीक का प्रयोग कर कम बीज की मात्रा में अधिक क्षेत्रफल के लिए पौध तैयार कर सकते हैं। इस तकनीक में प्लास्टिक ट्रे के अतिरिक्त नारियल के छिलके की भूसी, केंचुआ खाद की सहायता से खाद तैयार की जाती है। इस तकनीक से लगभग हर बीज पौध तैयार हो जाती है। साथ ही रोपाई के बाद पौधे जीवित रहते हैं और फसल भी एक सप्ताह पहले तैयार हो जाती है। उन्होंने किसानों को बडिंग विधि से बेर की किस्म सुधारने का तरीका बताया। इसको लेकर देसी बेर की जमीन के आस-पास 1 से 1.5 सेमी. मोटी शाखा पर अच्छी किस्म की समान मोटाई वाली शाखा की गांठ को निकालकर बांधनी होती है।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद ने बताया कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाकर किसान अपनी फसल को बेहतर दाम व कृषि लागत कम कर सकते हैं। जैतपुर विकास खंड में किसानों के लिए एक संगठन बनाया जा रहा है। केंद्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ. गौरव ने किसानों को जैविक खेती के आयामों के बारे में, गृह विज्ञानी डॉ. अमृता सिंह ने तकनीकी जानकारी दी।
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