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तीन दिन से हो रही रिमझिम बारिश से उर्द-मूंग की फसलें चौपट
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महोबा/बेलाताल। जिले में तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानों के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है। लगातार बारिश से खेतों में तैयार खड़ी उर्द-मूंग की फसल बर्बाद हो रही है। उर्द-मूंग की फलियों के दाने अंकुरित होने से किसानों को खाद-बीज का पैसा निकलना भी मुश्किल नजर आ रहा है। जिले में बीते 24 घंटे में 15 एमएम बारिश दर्ज की गई। रिमझिम बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं 12 से अधिक गरीबों के कच्चे मकान गिरने से हजारों का नुकसान हुआ है।
जिले में बारिश का दौर लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहे और रिमझिम फुहारों के बीच बारिश होती रही। इस समय खेतों में उर्द-मूंग की फसल तैयार है। किसान बारिश रुकने का इंतजार कर रहे हैं। लगातार बारिश से कुछ खेतों में पानी भर गया है। वहीं सैकड़ों किसानों की खेतों में खड़ी उर्द-मूंग की फसल बर्बाद हो गई। कुलपहाड़ के किसान रामसेवक, हरिओम, कुसुम, मुन्ना कुशवाहा आदि ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान उर्द-मूंग की फसल को है। फलियां तोड़ने का काम चल रहा था लेकिन बारिश न रुकने से फलियों के दाने अंकुरित होने लगे हैं। वहीं कस्बा बेलाताल में लगातार बारिश से किसान परेशान है। किसानों ने बताया कि यदि एक-दो दिन बारिश और न रुकी तो खेतों में ही फसल सड़ जाएगी। खाद-बीज का पैसा भी न निकलने से उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा।
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फोटो 17 एमएएचपी 08 परिचय-कल्लू
बेलाताल के किसान कल्लू अहिरवार ने बताया कि उसने नौ बीघा भूमि में उर्द की फसल बोई थी। अच्छी प्रजाति का बीज लिया था। जिससे इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी लेकिन लगातार बारिश से उम्मीदों पर पानी फिर गया।
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फोटो 17 एमएएचपी 09 परिचय-श्यामसुंदर
बेलाताल के किसान श्यामसुंदर अरजरिया ने बताया क उन्होंने चार बीघा भूमि में उर्द व तीन बीघे में मूंग की फसल बो दी थी। इसी सप्ताह फसल घर पहुंच जाती लेकिन लगातार बारिश से फलियां अंकुरित होने लगी है। जिससे खाद-बीज का पैसा निकलना भी मुश्किल है।
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फोटो 17 एमएएचपी 10 परिचय-रघुराज
श्रीनगर के किसान रघुराज सिंह ने बताया कि उन्होंने चार बीघा भूमि में उर्द व मूंग की फसल बोई थी। इस बार बेहतर बारिश की उम्मीद थी लेकिन लगातार बारिश होने से फसले बर्बाद हो गईं। जिससे उन्हें हजारों का नुकसान हुआ है।
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फोटो 17 एमएएचपी 11 परिचय-ज्ञानसिंह
किसान ज्ञान सिंह यादव का कहना है कि चार बीघा खेत में पकी खड़ी उर्द की फसल लगातार बारिश से बर्बाद हो गई है। जिससे आर्थिक संकट पैदा हो गया है। अब खेतों में रबी फसल की बुआई कैैसे होगी। इसकी चिंता सता रही है।
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बारिश से खरीफ की कुछ फसलों को नुकसान तो कुछ को फायदा है। जिन किसानों ने खरीफ फसल की बुआई देर से की। उनके लिए फायदा है लेकिन जिन किसानों ने उर्द-मूंग की फसल पहले बो दी थी और खेतों में फसल तैयार हो गई थी उन्हें नुकसान हुआ है। आगामी रबी फसल के लिए बारिश मुफीद है। खेतों में बेहतर नमी होने से किसानों को फायदा होगा। तीन दिन में जिले में 30 मिमी. बारिश हुई है जबकि 24 घंटे में 15 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
डॉ. मुकेशचंद्र, वैज्ञानिक
कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल
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जिले में बारिश का दौर लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहे और रिमझिम फुहारों के बीच बारिश होती रही। इस समय खेतों में उर्द-मूंग की फसल तैयार है। किसान बारिश रुकने का इंतजार कर रहे हैं। लगातार बारिश से कुछ खेतों में पानी भर गया है। वहीं सैकड़ों किसानों की खेतों में खड़ी उर्द-मूंग की फसल बर्बाद हो गई। कुलपहाड़ के किसान रामसेवक, हरिओम, कुसुम, मुन्ना कुशवाहा आदि ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान उर्द-मूंग की फसल को है। फलियां तोड़ने का काम चल रहा था लेकिन बारिश न रुकने से फलियों के दाने अंकुरित होने लगे हैं। वहीं कस्बा बेलाताल में लगातार बारिश से किसान परेशान है। किसानों ने बताया कि यदि एक-दो दिन बारिश और न रुकी तो खेतों में ही फसल सड़ जाएगी। खाद-बीज का पैसा भी न निकलने से उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा।
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फोटो 17 एमएएचपी 08 परिचय-कल्लू
बेलाताल के किसान कल्लू अहिरवार ने बताया कि उसने नौ बीघा भूमि में उर्द की फसल बोई थी। अच्छी प्रजाति का बीज लिया था। जिससे इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी लेकिन लगातार बारिश से उम्मीदों पर पानी फिर गया।
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फोटो 17 एमएएचपी 09 परिचय-श्यामसुंदर
बेलाताल के किसान श्यामसुंदर अरजरिया ने बताया क उन्होंने चार बीघा भूमि में उर्द व तीन बीघे में मूंग की फसल बो दी थी। इसी सप्ताह फसल घर पहुंच जाती लेकिन लगातार बारिश से फलियां अंकुरित होने लगी है। जिससे खाद-बीज का पैसा निकलना भी मुश्किल है।
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फोटो 17 एमएएचपी 10 परिचय-रघुराज
श्रीनगर के किसान रघुराज सिंह ने बताया कि उन्होंने चार बीघा भूमि में उर्द व मूंग की फसल बोई थी। इस बार बेहतर बारिश की उम्मीद थी लेकिन लगातार बारिश होने से फसले बर्बाद हो गईं। जिससे उन्हें हजारों का नुकसान हुआ है।
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फोटो 17 एमएएचपी 11 परिचय-ज्ञानसिंह
किसान ज्ञान सिंह यादव का कहना है कि चार बीघा खेत में पकी खड़ी उर्द की फसल लगातार बारिश से बर्बाद हो गई है। जिससे आर्थिक संकट पैदा हो गया है। अब खेतों में रबी फसल की बुआई कैैसे होगी। इसकी चिंता सता रही है।
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बारिश से खरीफ की कुछ फसलों को नुकसान तो कुछ को फायदा है। जिन किसानों ने खरीफ फसल की बुआई देर से की। उनके लिए फायदा है लेकिन जिन किसानों ने उर्द-मूंग की फसल पहले बो दी थी और खेतों में फसल तैयार हो गई थी उन्हें नुकसान हुआ है। आगामी रबी फसल के लिए बारिश मुफीद है। खेतों में बेहतर नमी होने से किसानों को फायदा होगा। तीन दिन में जिले में 30 मिमी. बारिश हुई है जबकि 24 घंटे में 15 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
डॉ. मुकेशचंद्र, वैज्ञानिक
कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल