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Mahoba News: गर्मी से राहत के लिए पानी में उतरे दो दोस्त, नदी ने छीन ली जिंदगी
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महोबा। उमस और भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सोमवार को क्योलारी नदी में उतरे दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद गाड़ो गांव में मातम पसरा है। दोनों दोस्त कई माह से साथ मवेशी चराने जाते थे। सोमवार को भी वे रोज की तरह जंगल की ओर गए थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा।
थाना महोबकंठ क्षेत्र के गाड़ो गांव निवासी निहाल (18) और हृदेश (11) की उम्र में सात वर्ष का अंतर था लेकिन दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। ग्रामीणों के अनुसार दोनों रोज सुबह साथ निकलते और देर शाम घर लौटते थे। सोमवार सुबह करीब दस बजे दोनों मवेशियों को चराने के लिए क्योलारी नदी के पास पहुंचे थे। जब जानवर चरने लगे तो भीषण गर्मी और उमस से परेशान होकर दोनों नदी में नहाने उतर गए।
बताया गया कि नदी में मिट्टी कटान से गड्ढा बना हुआ था। दोनों को इसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगा और वे डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर ग्रामीणों को सूचना दी। बाद में ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। हृदेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता भारत ने बताया कि हृदेश तैरना नहीं जानता था।
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थाना महोबकंठ क्षेत्र के गाड़ो गांव निवासी निहाल (18) और हृदेश (11) की उम्र में सात वर्ष का अंतर था लेकिन दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। ग्रामीणों के अनुसार दोनों रोज सुबह साथ निकलते और देर शाम घर लौटते थे। सोमवार सुबह करीब दस बजे दोनों मवेशियों को चराने के लिए क्योलारी नदी के पास पहुंचे थे। जब जानवर चरने लगे तो भीषण गर्मी और उमस से परेशान होकर दोनों नदी में नहाने उतर गए।
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बताया गया कि नदी में मिट्टी कटान से गड्ढा बना हुआ था। दोनों को इसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगा और वे डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर ग्रामीणों को सूचना दी। बाद में ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। हृदेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता भारत ने बताया कि हृदेश तैरना नहीं जानता था।
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