फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Thirsty thirsty banyani-gudha village filled with water in the dry Chandraval river

सूखी चंद्रावल नदी में पानी भर बन्नी-गुढ़ा गांव की बुझाई प्यास

Thu, 20 Jun 2019 12:17 AM IST
mahoba Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 20 Jun 2019 12:17 AM IST
विज्ञापन
Thirsty thirsty banyani-gudha village filled with water in the dry Chandraval river
बन्नी गांव निवासी बलबीर - फोटो : amarujala
खन्ना (महोबा)। सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड के दो गांवों की प्यास बुझा बन्नी गांव के बलबीर का हौसला चर्चा का विषय बना हुआ है। बन्नी और गुढ़ा गांव के किसानों की सूखती फसलेें और मवेशियों को प्यास से भटकता देख बलबीर ने चंद्रावल नदी को भरने की ठान ली। और 30 दिन में एक कि लोमीटर तक नदी में चार फीट तक पानी भर दिया। जिससे न सिर्फ दोनों गांवों के सूखे हैंडपंप फि र से पानी देने लगे। बल्कि किसानों व मवेशियों को राहत मिली है।
विज्ञापन

 गौरतलब है कि दो साल से बारिश न होने के कारण चंद्रावल नदी पूरी तरह सूख गई है। नदी में धूल उड़ रही थी। ग्रामीणों ने प्यास बुझाने के लिए नदी में बड़े-बड़े गहरे गड्ढे करके कुछ दिनों तक काम चलाया लेकिन कुछ दिनों बाद गड्ढों ने पानी देना बंद कर दिया था। नदी सूख जाने से गुढ़ा और बन्नी गांव के हैंडपंपों का जलस्तर 40 से 50 फीट गिर जाने से हैंडपंपों ने भी काम करना बंद कर दिया था। जिससे पानी को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में हायतौबा मचने लगी। पशु-पक्षी भी पानी न मिलने से मरने लगे। यह देखकर बन्नी निवासी ग्रामीण बलवीर ने चंद्रावल नदी में ही पानी भरने की ठान ली। बलबीर नेे नदी से 500 मीटर दूर बने नलकूप से नदी तक पाइप डालकर नदी को भरना शुरू कर दिया है। गांव के पास नदी का निचला हिस्सा होने के कारण काफी पानी भर गया। इसके बाद भी किसान ने पानी भरना बंद नहीं किया। बन्नी गांव से नदी के दोनों तरफ चौड़ाई कम होने के कारण किसान ने एक किलोमीटर आगे मेड़बंदी करके पानी को रोक लिया। जिससे नदी में करीब चार-चार फीट गहरा पानी भर गया है। नदी में पानी भर जाने के कारण हैंडपंपों का जलस्तर बढ़ गया। जिससे ग्रामीणों को पानी नसीब हो रहा है। दूसरी तरफ पशु-पक्षी भी पानी पीने के साथ खूब मस्ती कर रहे हैं।
विज्ञापन


दो गांव का जलस्तर बढ़ा, जल संकट से निजात
किसान बलवीर का कहना है कि प्यासे को पानी सबसे बड़ा पुण्य है। गांव में बढ़ते जल संकट को देखते हुए लोगों को पानी पिलाने और पशु की जान बचाने के लिए मन विचलित हो उठा और एक माह से लगातार नलकूप से पाइपलाइन डालकर नदी में पानी भरना शुरू कर दिया। दस दिन तक सूखी प्यासी नदी पानी पीती रही। इसके बाद धीरे-धीरे नदी में कुछ पानी एकत्र हुआ। नदी में पानी बढ़ने पर दिन के अलावा कुछ घंटे रात में भी ट्यूबवेल चलाया गया। जिससे आज नदी में करीब एक किमी तक पानी लबालब है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नदी में पानी भरने में आया 3,000 का बिल
नदी में पानी भरने में एक माह में करीब तीन हजार रुपये का बिजली बिल आया। लेकिन किसान ने इसकी भी अदायगी अपने पास से कर दी और लगातार ट्यूबवेल चलाकर पानी भर रहा है। किसान के इस पुनीत कार्य की गांव के लोग प्रशंसा करने के साथ-साथ दुआएं भी दे रहे हैैं। किसान बलवीर का कहना है कि बारिश शुरू होते ही नदी में पानी भरना बंद कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed