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भौतिकता की होड़ लगी है नैतिकता का पतन हो.......
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महोबा। शहर के मां चंद्रिका महिला महाविद्यालय में सर्वोदय सेवा संघ के तत्वावधान में संगीत एवं साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में साहित्यकारों ने बुंदेली गीतों व रचनाओं से सभी को भाव विभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संगीताचार्य पं. जगप्रसाद तिवारी ने सरस्वती वंदना के साथ किया। इस दौरान बुंदेली भाषा में गीत अपना राष्ट्रीय झंडा पहचान है अपनी सुनाया। समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी ने रचना भौतिकता की होड़ लगी है नैतिकता का पतन हो रहा, महलों में शोषक सोते हैं झोपड़ियों में इंसान रो रहा सुनाकर वाहवाही लूटी। साहित्यकार संतोष कुमार पटैरिया ने बुंदेलखंड के इतिहास पर चर्चा की।
कवि प्रमोद सक्सेना ने रचना वीरभूमि महोबा की आल्हा है पहचान, प्रेम प्रमोद करें महोबे का आज करें यशगान सुनाई। बुंदेली कवि रामप्रकाश सोनी ने आज के दौर के फैशन पर रचना प्रस्तुत कर सभी को आनंदित कर दिया।
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इस मौके पर आयोजक अरविंद सिंह कछवाह, रामप्रकाश पुरवार, बृज गोपाल शर्मा, सीएल साहू आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ संगीताचार्य पं. जगप्रसाद तिवारी ने सरस्वती वंदना के साथ किया। इस दौरान बुंदेली भाषा में गीत अपना राष्ट्रीय झंडा पहचान है अपनी सुनाया। समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी ने रचना भौतिकता की होड़ लगी है नैतिकता का पतन हो रहा, महलों में शोषक सोते हैं झोपड़ियों में इंसान रो रहा सुनाकर वाहवाही लूटी। साहित्यकार संतोष कुमार पटैरिया ने बुंदेलखंड के इतिहास पर चर्चा की।
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कवि प्रमोद सक्सेना ने रचना वीरभूमि महोबा की आल्हा है पहचान, प्रेम प्रमोद करें महोबे का आज करें यशगान सुनाई। बुंदेली कवि रामप्रकाश सोनी ने आज के दौर के फैशन पर रचना प्रस्तुत कर सभी को आनंदित कर दिया।
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इस मौके पर आयोजक अरविंद सिंह कछवाह, रामप्रकाश पुरवार, बृज गोपाल शर्मा, सीएल साहू आदि मौजूद रहे।