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Mahoba News: सीबीसी मशीन खराब, सैंपल लिए पर नहीं मिली जांच रिपोर्ट
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फोटो 07 एमएएचपी 01 परिचय-इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में नमी के बंद रखी सीबीसी मशीन। संवाद
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-लगातार बारिश होने से मशीन में आई नमी, प्रतिदिन होती है सौ से अधिक जांचें
-अधिकांश मरीजों ने मजबूरी में निजी पैथोलॉजी में कराई जांच
फोटो 07 एमएएचपी 01 परिचय-इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में नमी के बंद रखी सीबीसी मशीन। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 02 परिचय-जिला अस्पताल की लैब में जांच कराने पहुंचे मरीज व तीमारदार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिला अस्पताल के इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में लगी सीबीसी मशीन सोमवार को खराब होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में मरीजों के ब्लड सैंपल तो लिए गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं दी गई। गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों के तीमारदारों ने त्वरित जांच के लिए निजी पैथाेलॉजी का सहारा लिया। इससे उन्हें रुपये और समय की बर्बादी करना पड़ी। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि मरीजों के लिए गए सैंपलों की जांच महिला अस्पताल की पैथोलॉजी में कराई जा रही है। अगले दिन रिपोर्ट दी जाएगी।
जिला अस्पताल की सुबह आठ बजे से ओपीडी खुलते ही मरीजों व तीमारदारों की भारी भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने के लिए मरीजों को जद्दोजहद करनी पड़ी। इस दौरान ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीजों ने इलाज कराया। वहीं, मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन से वायरल बुखार के पीड़ितों की संख्या में दोगुना इजाफा देखने को मिला। कई मरीज ऐसे पहुंचे जिन्होंने दवाओं के सेवन के बाद भी चार से पांच दिन लगातार बुखार आने की बात कही।
जिला अस्पताल में रोजाना करीब 350 से अधिक जांचें की जाती है। जिले में लगातार हो रही बारिश से लैब में रखी सीबीसी मशीन में नमी आ गई है। इससे सोमवार को खून से संबंधित सीबीसी जांच नहीं हो सकी। लैब में सीबीसी की करीब 100 से अधिक जांचें आईं लेकिन कर्मचारियों ने मरीजों के ब्लड के सैंपल लेकर एक-दो दिन बाद रिपोर्ट लेने आने को कहा। मरीज प्रमोद, अयान, दिलीप आदि ने बताया कि उपचार कराने आए थे। डॉक्टर ने सीबीसी जांच को कहा। लैब में पहुंचने पर जानकारी हुई कि मशीन खराब है। इससे मजबूरी में उन्हें निजी पैथोलॉजी में रुपये देकर जांच करानी पड़ी। उधर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के चलते लैब में रखी सीबीसी मशीन में नमी आई है। मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर महिला अस्पताल में जांच कराई जा रही है। मशीन ठीक होने पर एक-दो दिन में जांचें शुरू हो जाएगी। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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-अधिकांश मरीजों ने मजबूरी में निजी पैथोलॉजी में कराई जांच
फोटो 07 एमएएचपी 01 परिचय-इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में नमी के बंद रखी सीबीसी मशीन। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 02 परिचय-जिला अस्पताल की लैब में जांच कराने पहुंचे मरीज व तीमारदार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिला अस्पताल के इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में लगी सीबीसी मशीन सोमवार को खराब होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में मरीजों के ब्लड सैंपल तो लिए गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं दी गई। गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों के तीमारदारों ने त्वरित जांच के लिए निजी पैथाेलॉजी का सहारा लिया। इससे उन्हें रुपये और समय की बर्बादी करना पड़ी। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि मरीजों के लिए गए सैंपलों की जांच महिला अस्पताल की पैथोलॉजी में कराई जा रही है। अगले दिन रिपोर्ट दी जाएगी।
जिला अस्पताल की सुबह आठ बजे से ओपीडी खुलते ही मरीजों व तीमारदारों की भारी भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने के लिए मरीजों को जद्दोजहद करनी पड़ी। इस दौरान ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीजों ने इलाज कराया। वहीं, मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन से वायरल बुखार के पीड़ितों की संख्या में दोगुना इजाफा देखने को मिला। कई मरीज ऐसे पहुंचे जिन्होंने दवाओं के सेवन के बाद भी चार से पांच दिन लगातार बुखार आने की बात कही।
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जिला अस्पताल में रोजाना करीब 350 से अधिक जांचें की जाती है। जिले में लगातार हो रही बारिश से लैब में रखी सीबीसी मशीन में नमी आ गई है। इससे सोमवार को खून से संबंधित सीबीसी जांच नहीं हो सकी। लैब में सीबीसी की करीब 100 से अधिक जांचें आईं लेकिन कर्मचारियों ने मरीजों के ब्लड के सैंपल लेकर एक-दो दिन बाद रिपोर्ट लेने आने को कहा। मरीज प्रमोद, अयान, दिलीप आदि ने बताया कि उपचार कराने आए थे। डॉक्टर ने सीबीसी जांच को कहा। लैब में पहुंचने पर जानकारी हुई कि मशीन खराब है। इससे मजबूरी में उन्हें निजी पैथोलॉजी में रुपये देकर जांच करानी पड़ी। उधर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के चलते लैब में रखी सीबीसी मशीन में नमी आई है। मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर महिला अस्पताल में जांच कराई जा रही है। मशीन ठीक होने पर एक-दो दिन में जांचें शुरू हो जाएगी। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

फोटो 07 एमएएचपी 01 परिचय-इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में नमी के बंद रखी सीबीसी मशीन। संवाद
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