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मकान के कमरे में फांसी लगाकर युवक ने दी जान
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कबरई (महोबा)। थाना कबरई के गंज गांव में युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
गंज गांव निवासी भगवानदास की एक वर्ष पहले कबरई बांध परियोजना के तहत डूब क्षेत्र में भूमि चली गई थी। 30 लाख रुपये मुआवजा मिला था। मुआवजे के कुछ रुपयों से भगवानदास ने छतरपुर जिले में जमीन खरीद ली थी और मकान बनाकर रहने लगा था। मृतक का दूसरे नंबर का पुत्र मंगल (22) गांव में अकेले रहता था जबकि दो पुत्र सोनू व रवि और पुत्री उमा पिता के साथ मध्यप्रदेश में रहते थे। भगवानदास की पत्नी कुछ वर्ष पहले घर से लापता हो गई थी। सोमवार की शाम मंगल ने मकान के कमरे में पंखे के छल्ले से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। देर शाम पिता भगवानदास किसी कार्य से घर पहुंचा तो बेटे को फांसी पर लटकता देखा।
मृतक के भाई रवि ने बताया कि मुआवजे का 30 लाख रुपये पिता भगवानदास व भाई मंगल के संयुक्त खाते में जमा था। इसमें कुछ रुपये निकालकर मध्यप्रदेश में जमीन खरीद ली थी। करीब आठ लाख रुपये अभी भी खाते में जमा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आत्महत्या से पहले युवक अपने व्हाट्स ऐप स्टेटस पर कई गम भरे गीत भी डाले थे। थानाध्यक्ष दिनेश का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। फांसी लगाने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका।
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गंज गांव निवासी भगवानदास की एक वर्ष पहले कबरई बांध परियोजना के तहत डूब क्षेत्र में भूमि चली गई थी। 30 लाख रुपये मुआवजा मिला था। मुआवजे के कुछ रुपयों से भगवानदास ने छतरपुर जिले में जमीन खरीद ली थी और मकान बनाकर रहने लगा था। मृतक का दूसरे नंबर का पुत्र मंगल (22) गांव में अकेले रहता था जबकि दो पुत्र सोनू व रवि और पुत्री उमा पिता के साथ मध्यप्रदेश में रहते थे। भगवानदास की पत्नी कुछ वर्ष पहले घर से लापता हो गई थी। सोमवार की शाम मंगल ने मकान के कमरे में पंखे के छल्ले से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। देर शाम पिता भगवानदास किसी कार्य से घर पहुंचा तो बेटे को फांसी पर लटकता देखा।
मृतक के भाई रवि ने बताया कि मुआवजे का 30 लाख रुपये पिता भगवानदास व भाई मंगल के संयुक्त खाते में जमा था। इसमें कुछ रुपये निकालकर मध्यप्रदेश में जमीन खरीद ली थी। करीब आठ लाख रुपये अभी भी खाते में जमा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आत्महत्या से पहले युवक अपने व्हाट्स ऐप स्टेटस पर कई गम भरे गीत भी डाले थे। थानाध्यक्ष दिनेश का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। फांसी लगाने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका।
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