{"_id":"5904cb944f1c1bc12cc0c956","slug":"the-yogi-is-very-helpless-in-your-state","type":"story","status":"publish","title_hn":"योगी तेरे प्रदेश में गाय बहुत असहाय...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
योगी तेरे प्रदेश में गाय बहुत असहाय...
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Sat, 29 Apr 2017 10:51 PM IST
विज्ञापन
-भूख मिटाने के लिए भटकते पशु
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फसल क्या कटी, गायों की शामत आ गई। अस्थाई गोशालाओं में जैसे-तैसे उन्हें भूसा-चारा मिल रहा था। अन्ना गायों द्वारा फसल खराब करने की चिंता खत्म होते ही किसानों ने गावों की अस्थाई गोशालाओं से उन्हें मुक्त कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गायों को लेकर विशेष निर्देशों का कोई असर सिस्टम पर नहीं दिख रहा है।
भीषण गर्मी में अन्ना जानवरों की शामत आ गई है। खानपान का इंतजाम न होने से कमजोर हो चुके पशु जहां गिर जाते हैं फिर उठ नहीं पाते। फसलों की कटाई होने के बाद अब अन्ना जानवरों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
कारण, कई गांव जैसे सायपहाड़ी, खन्ना, खरेला, चंद्रपुरा आदि के ग्रामीणों ने फसलों को बचाने के लिए अस्थाई गोशालाएं बनाकर बंद कर दिया था और चंदे से थोड़ी बहुत खानपान की भी व्यवस्था की थी। फसल कटने के बाद अब इन गायों को छोड़ दिया है। भूसे, चारे की तलाश में अब गाय दिन में जंगल की ओर चली जाती हैं। शाम को फिर शहर की ओर आ जाती हैं। इस वजह से सड़कों पर शाम को वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
रामकुंड के पास खुली गोशाला में गायों को रखने की क्षमता 150 से 200 तक है। जबकि शहर व आसपास के क्षेत्र में 1000 से ज्यादा अन्ना जानवर घूम रहे हैं। ऐसी स्थिति में इन पशुओं को गोशाला संचालक भी नहीं रख रहे हैं। जिससे अन्ना जानवर दिन-रात इधर-उधर भटक रहे हैं। सड़कों के बीचोबीच बैठने वाले कई अन्ना जानवर दुर्घटना के शिकार हो गए हैं।
पशुओं की सुरक्षा और खानपान का बेहतर इंतजाम हो सके। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में गोशाला खुलवाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा जा रहा है। जिससे जल्द से जल्द अन्ना पशुओं के भोजन-पानी और सुरक्षा का बेहतर इंतजाम हो सके। अजनर गांव में मेरी पहल पर किसानों और प्रधानों के सहयोग से मंडी में भूसे का इंतजाम करा दिया गया है। इसके बाद गौरहारी मंडी में भूसे का इंतजाम कराया जा रहा है।
बृजभूषण राजपूत, विधायक चरखारी
अन्ना जान वरों की भूख और प्यास बुझाने के लिए जिला प्रशासन खासा संजीदा है। पशुओं के पानी के लिए जिले भर में बनी चरही जिलाधिकारी के निर्देश पर भरवाई जा रही हैं। साथ ही, जिलाधिकारी द्वारा भूसे की व्यवस्था कराई जा रही है। जिससे अन्ना जानवरों को भूसा और पानी मिल सके।
प्रबुद्ध सिंह, उपजिलाधिकारी महोबा
विज्ञापन
भीषण गर्मी में अन्ना जानवरों की शामत आ गई है। खानपान का इंतजाम न होने से कमजोर हो चुके पशु जहां गिर जाते हैं फिर उठ नहीं पाते। फसलों की कटाई होने के बाद अब अन्ना जानवरों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
विज्ञापन
कारण, कई गांव जैसे सायपहाड़ी, खन्ना, खरेला, चंद्रपुरा आदि के ग्रामीणों ने फसलों को बचाने के लिए अस्थाई गोशालाएं बनाकर बंद कर दिया था और चंदे से थोड़ी बहुत खानपान की भी व्यवस्था की थी। फसल कटने के बाद अब इन गायों को छोड़ दिया है। भूसे, चारे की तलाश में अब गाय दिन में जंगल की ओर चली जाती हैं। शाम को फिर शहर की ओर आ जाती हैं। इस वजह से सड़कों पर शाम को वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
रामकुंड के पास खुली गोशाला में गायों को रखने की क्षमता 150 से 200 तक है। जबकि शहर व आसपास के क्षेत्र में 1000 से ज्यादा अन्ना जानवर घूम रहे हैं। ऐसी स्थिति में इन पशुओं को गोशाला संचालक भी नहीं रख रहे हैं। जिससे अन्ना जानवर दिन-रात इधर-उधर भटक रहे हैं। सड़कों के बीचोबीच बैठने वाले कई अन्ना जानवर दुर्घटना के शिकार हो गए हैं।
पशुओं की सुरक्षा और खानपान का बेहतर इंतजाम हो सके। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में गोशाला खुलवाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा जा रहा है। जिससे जल्द से जल्द अन्ना पशुओं के भोजन-पानी और सुरक्षा का बेहतर इंतजाम हो सके। अजनर गांव में मेरी पहल पर किसानों और प्रधानों के सहयोग से मंडी में भूसे का इंतजाम करा दिया गया है। इसके बाद गौरहारी मंडी में भूसे का इंतजाम कराया जा रहा है।
बृजभूषण राजपूत, विधायक चरखारी
अन्ना जान वरों की भूख और प्यास बुझाने के लिए जिला प्रशासन खासा संजीदा है। पशुओं के पानी के लिए जिले भर में बनी चरही जिलाधिकारी के निर्देश पर भरवाई जा रही हैं। साथ ही, जिलाधिकारी द्वारा भूसे की व्यवस्था कराई जा रही है। जिससे अन्ना जानवरों को भूसा और पानी मिल सके।
प्रबुद्ध सिंह, उपजिलाधिकारी महोबा