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Mahoba News: मुख्य नहर का पानी 12 दिन बाद भी टेल तक नहीं पहुंचा
Mon, 01 Dec 2025 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 01 Dec 2025 12:38 AM IST
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श्रीनगर (महोबा)। उर्मिल मुख्य नहर से छाेड़ा गया पानी 12 दिन बाद भी सलारपुर टेल तक नहीं पहुंच सका। छह गांव के किसानों की सकड़ों हेक्टेयर में बोई गई भूमि की सिंचाई नहीं हो पा रही है। पानी के अभाव में किसान परेशान हैं। किसानों ने टेल तक पानी पहुंचाए जाने की मांग की है।
यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से 18 नवंबर को मुख्य नहर में पानी छोड़ा गया था। ताकि, किसान गेहूं, चना, मटर आदि की सिंचाई कर सकें। बावजूद इसके 12 दिन का समय बीतने के बाद भी उर्मिल मुख्य नहर का पानी टेल तक नहीं पहुंचा। ऐसे में ग्राम पंचायत सिजवाहा, मवई, भंडरा, गोपालपुरा, लोधीखोडा आदि गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर भूमि में किसान फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। कृषि कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान हैं।
किसान लक्ष्मण सिंह, दशरथ सिंह, रामकरण, निलेश कुमार आदि का कहना है कि सिंचाई विभाग की ओर से नहर में पानी धीमी गति से छोड़ा गया है। इससे टेल तक पानी नहीं पहुंचा। यदि एक सप्ताह और पानी नहीं मिलता है तो उनकी फसल प्रभावित होगी।
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सहायक अभियंता शिवा वर्मा का कहना है कि शुरुआत में उर्मिल मुख्य नहर में 70 क्यूसेक क्षमता से पानी छोड़ा गया था। ताकि, नहर में नुकसान न हो। उन्होंने बताया कि नहर में जल्द ही ज्यादा क्षमता से पानी छोड़ा जाएगा। जिससे कि किसानों को भरपूर पानी मिल सके।
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यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से 18 नवंबर को मुख्य नहर में पानी छोड़ा गया था। ताकि, किसान गेहूं, चना, मटर आदि की सिंचाई कर सकें। बावजूद इसके 12 दिन का समय बीतने के बाद भी उर्मिल मुख्य नहर का पानी टेल तक नहीं पहुंचा। ऐसे में ग्राम पंचायत सिजवाहा, मवई, भंडरा, गोपालपुरा, लोधीखोडा आदि गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर भूमि में किसान फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। कृषि कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान हैं।
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किसान लक्ष्मण सिंह, दशरथ सिंह, रामकरण, निलेश कुमार आदि का कहना है कि सिंचाई विभाग की ओर से नहर में पानी धीमी गति से छोड़ा गया है। इससे टेल तक पानी नहीं पहुंचा। यदि एक सप्ताह और पानी नहीं मिलता है तो उनकी फसल प्रभावित होगी।
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सहायक अभियंता शिवा वर्मा का कहना है कि शुरुआत में उर्मिल मुख्य नहर में 70 क्यूसेक क्षमता से पानी छोड़ा गया था। ताकि, नहर में नुकसान न हो। उन्होंने बताया कि नहर में जल्द ही ज्यादा क्षमता से पानी छोड़ा जाएगा। जिससे कि किसानों को भरपूर पानी मिल सके।