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गांव में बहने लगी चुनावी बयार
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
Updated Tue, 12 May 2015 12:00 AM IST
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ग्राम पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट होते ही गांव में चुनावी बयार बहने लगी है। दावेदाराें के खुलकर सामने न आने से अभी चुनावी तस्वीर धुंधली नजर आ रही है। लेकिन चुनाव के दावेदार अपनी स्थिति जाहिर न करते हुए गुपचुप तरीके से तैयारियाें में जुट गए हैं। जिससे ग्रामीणों की किसी भी समस्या के लिए दावेदार मदद के लिए तत्पर रहते हैं। जिससे दावेदार ग्रामीणों के बीच अपनी पकड़ पक्की करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते है। प्रस्तुत है ग्राम खन्ना में चुनावी तैयारियाें पर रिपोर्टर अशफाक खान की रिपोर्ट-
कानपुर-सागर हाईवे के किनारे बसा विकासखंड कबरई का ग्राम खन्ना एक पिछड़ा गांव है। गांव में 15 वार्ड और जनसंख्या दस हजार है। गांव की रिहुनिया बस्ती के लोग बस्ती में बिजली न होने से आज भी बिजली आने का इंतजार कर रहे है। लेकिन चुनाव जीतने के बाद किसी भी ग्राम प्रधान ने यहां बिजली व्यवस्था कराने की सुध नहीं ली। लिहाजा ग्रामीण लैंप की रोशनी में जीवन गुजारने को मजबूर है।
गांव में बारातशाला के आसपास गंदगी और झाड़ होने से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। मातृ शिशु कल्याण केंद्र की इमारत भी वर्षों से बंद होने के कारण बेकार हो गया है। स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाआें से वंचित यहां के ग्रामीण विपरीत परिस्थतियाें में जिंदगी बसर कर रहे हैं। इस दफा के ग्राम पंचायत चुनाव में यहां के बाशिंदे मूलभूत सुविधाओं को मुद्दा बनाकर वोट देने की चर्चा कर रहे है। उधर दावेदार भी गांव के मतदाताआें के बीच अपनी पकड़ बनाकर अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हैं।
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विद्युतीकरण के मिले सिर्फ आश्वासन
गांव की रहुनिया बस्ती और हरिजन बस्ती में आज भी अंधेरा छाया हुआ है। ग्रामीणाें द्वारा कई बार प्रशासनिक अधिकारियाें और जनप्रतिनिधियाें से मांग करने के बाद भी आज तक इन बस्तियाें में विद्युतीकरण नहीं किया गया। जिससे यहां के बाशिंदे आज भी अधेंरे में ही जीवन बिताने को मजबूर हैं। जनप्रतिनिधियाें द्वारा चुनाव के समय कोरे आश्वासन दिए जाने से तमाम ग्रामीण बिजली की उम्मीद ही छोड़ चुके हैं।
बदहाल हो गया बारातशाला
ग्रामीणाें के घराें में होने वाले वैवाहिक आयोजनाें के लिए गांव में बारातशाला तो है लेकिन यहां कभी सफाई नहीं होती। जिससे बारातशाला की बाउंड्री के अंदर चारा और झाड़- झंकाड़ उग आई है। जिससे दस हजार की आबादी वाले इस गांव के लोगों को बारातशाला का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे मजबूर होकर लोगों को मैदान, खेतों में टेंट लगाकर समारोह सम्पन्न कराना पड़ता है। जिलाधिकारी को पत्र भेजकर बारातशाला का रखरखाव कराने की मांग करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं की गई।
पेयजल के लिए करनी पड़ती मशक्कत
गांव में पेयजल की समस्या भी विकराल है। हारिजन बस्ती के बाशिंदे कई सालाें से नदी के किनारे गड्ढे खोदकर दो किलोमीटर दूर से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं। हालत यह है कि बारिश के मौसम में भी ग्रामीणाें को नदी से पानी लाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। इसके अलावा गांव में सफाई व्यवस्था भी चौपट है। जहां सफाई कर्मचारी तीन-तीन महीने तक गांव नहीं आते। जिससे नालियां पूरी तरह से भर गई है, वहीं सड़के किनारे पड़ा कूड़ा वहां में इधर-उधर उड़कर संक्रामक बीमारियों को निमंत्रण दे रहे हैैँ।
चुनाव में सफाई बनेगी मुद्दा
इस दफा के ग्राम पंचायत चुनाव में सफाई को मुद्दा बनाया जाएगा। सफाई कर्मियाें की मनमानी खत्म कराकर गांव को स्वच्छ बनाने की पहल होनी चाहिए। इसलिए गांव में नियमित सफाई कराने और गांव में को स्वच्छ व सुंदर बनाने का प्रयास करने का वादा करने वाले प्रत्याशी को ही वोट दिया जाएगा। जिससे ग्रामीणाें को गंदगी की समस्या से निजात दिलाई जा सके।
रघुवीर मिश्रा।
टंकी बनने पर पेयजल संकट होगा दूर
गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराए जाने की आवश्यकता है। जिससे पेयजल संकट से छुटकारा मिल सके। जो भी प्रत्याशी पेयजल को मुद्दा बनाकर ग्रामीणाें के हित की बात करेगा, उसी के पक्ष में सहयोग किया जाएगा। हरिजन बस्ती और रहुनिया के लोग पांच किलोमीटर दूर से पानी लाकर अब पूरी तरह थक चुके है। पेयजल संकट की समस्या को चुनाव की प्राथमिकता में शामिल किया जाना चाहिए।
राजकुंवर।
मूलभूत सुविधाआें पर दिया जाए ध्यान
गांव में मूलभूत सुविधाआें का अभाव है। बारातशाला और मातृ शिशु कल्याण केंद्र बेकार साबित होे रहे हैं। ऐसे में इस बार के चुनाव में मूलभूत सुविधाआें पर फोकस होना चाहिए। गांव में गल्ला मंडी, सरकारी इंटर कॉलेज और पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ तालाबाें का सुंदरीकरण भी जरूरी है। मूलभूत सुविधाआें पर ध्यान देने वाले प्रत्याशी को ही चुनाव में जीत दिलाई जाएगी।
-रामफल।
ग्राम प्रधान राजबहादुर सिंह
0 अपने कार्यकाल के दौरान कौन-कौन से कार्य कराए ?
गांव में 575 मीटर खड़ंजा 500 मीटर सीसी का निर्माण और पंचायत भवन की मरम्मत के साथ-साथ कुएं की मरम्मत का कार्य भी कराया गया है।
0 आपके कार्यकाल के कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं?
तालाबाें के घाटाें की मरम्मत का कार्य प्रस्तावित है।
0 क्या ग्राम पंचायत चुनाव में पुन: दावेदारी की योजना है?
- मैने गांव में विकास कराया है। अगर सामान्य सीट रही और जनता ने कहा तो चुनाव लड़ूंगा। जनता का सहयोग मिला तो गांव का समुचित विकास कराया जाएगा।
इंसेट
फैक्ट फाइल
ग्राम सभा- खन्ना
वार्ड- 15
आबादी- 10,000
मतदाता- 4,100
हैंडपंप- 20
शौचालय- 35
लाभार्थियाें की संख्या
समाजवादी पेंशनर्स- 263
वृद्धावस्था पेंशनर्स- 223
विकलांग पेंशनर्स- 30
विधवा पेंशनर्स- 60
इंदिरा आवास- एक
जॉब कार्ड- 846
बीपीएल कार्ड- 212
आंत्योदय कार्ड-119
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कानपुर-सागर हाईवे के किनारे बसा विकासखंड कबरई का ग्राम खन्ना एक पिछड़ा गांव है। गांव में 15 वार्ड और जनसंख्या दस हजार है। गांव की रिहुनिया बस्ती के लोग बस्ती में बिजली न होने से आज भी बिजली आने का इंतजार कर रहे है। लेकिन चुनाव जीतने के बाद किसी भी ग्राम प्रधान ने यहां बिजली व्यवस्था कराने की सुध नहीं ली। लिहाजा ग्रामीण लैंप की रोशनी में जीवन गुजारने को मजबूर है।
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गांव में बारातशाला के आसपास गंदगी और झाड़ होने से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। मातृ शिशु कल्याण केंद्र की इमारत भी वर्षों से बंद होने के कारण बेकार हो गया है। स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाआें से वंचित यहां के ग्रामीण विपरीत परिस्थतियाें में जिंदगी बसर कर रहे हैं। इस दफा के ग्राम पंचायत चुनाव में यहां के बाशिंदे मूलभूत सुविधाओं को मुद्दा बनाकर वोट देने की चर्चा कर रहे है। उधर दावेदार भी गांव के मतदाताआें के बीच अपनी पकड़ बनाकर अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हैं।
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विद्युतीकरण के मिले सिर्फ आश्वासन
गांव की रहुनिया बस्ती और हरिजन बस्ती में आज भी अंधेरा छाया हुआ है। ग्रामीणाें द्वारा कई बार प्रशासनिक अधिकारियाें और जनप्रतिनिधियाें से मांग करने के बाद भी आज तक इन बस्तियाें में विद्युतीकरण नहीं किया गया। जिससे यहां के बाशिंदे आज भी अधेंरे में ही जीवन बिताने को मजबूर हैं। जनप्रतिनिधियाें द्वारा चुनाव के समय कोरे आश्वासन दिए जाने से तमाम ग्रामीण बिजली की उम्मीद ही छोड़ चुके हैं।
बदहाल हो गया बारातशाला
ग्रामीणाें के घराें में होने वाले वैवाहिक आयोजनाें के लिए गांव में बारातशाला तो है लेकिन यहां कभी सफाई नहीं होती। जिससे बारातशाला की बाउंड्री के अंदर चारा और झाड़- झंकाड़ उग आई है। जिससे दस हजार की आबादी वाले इस गांव के लोगों को बारातशाला का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे मजबूर होकर लोगों को मैदान, खेतों में टेंट लगाकर समारोह सम्पन्न कराना पड़ता है। जिलाधिकारी को पत्र भेजकर बारातशाला का रखरखाव कराने की मांग करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं की गई।
पेयजल के लिए करनी पड़ती मशक्कत
गांव में पेयजल की समस्या भी विकराल है। हारिजन बस्ती के बाशिंदे कई सालाें से नदी के किनारे गड्ढे खोदकर दो किलोमीटर दूर से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं। हालत यह है कि बारिश के मौसम में भी ग्रामीणाें को नदी से पानी लाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। इसके अलावा गांव में सफाई व्यवस्था भी चौपट है। जहां सफाई कर्मचारी तीन-तीन महीने तक गांव नहीं आते। जिससे नालियां पूरी तरह से भर गई है, वहीं सड़के किनारे पड़ा कूड़ा वहां में इधर-उधर उड़कर संक्रामक बीमारियों को निमंत्रण दे रहे हैैँ।
चुनाव में सफाई बनेगी मुद्दा
इस दफा के ग्राम पंचायत चुनाव में सफाई को मुद्दा बनाया जाएगा। सफाई कर्मियाें की मनमानी खत्म कराकर गांव को स्वच्छ बनाने की पहल होनी चाहिए। इसलिए गांव में नियमित सफाई कराने और गांव में को स्वच्छ व सुंदर बनाने का प्रयास करने का वादा करने वाले प्रत्याशी को ही वोट दिया जाएगा। जिससे ग्रामीणाें को गंदगी की समस्या से निजात दिलाई जा सके।
रघुवीर मिश्रा।
टंकी बनने पर पेयजल संकट होगा दूर
गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराए जाने की आवश्यकता है। जिससे पेयजल संकट से छुटकारा मिल सके। जो भी प्रत्याशी पेयजल को मुद्दा बनाकर ग्रामीणाें के हित की बात करेगा, उसी के पक्ष में सहयोग किया जाएगा। हरिजन बस्ती और रहुनिया के लोग पांच किलोमीटर दूर से पानी लाकर अब पूरी तरह थक चुके है। पेयजल संकट की समस्या को चुनाव की प्राथमिकता में शामिल किया जाना चाहिए।
राजकुंवर।
मूलभूत सुविधाआें पर दिया जाए ध्यान
गांव में मूलभूत सुविधाआें का अभाव है। बारातशाला और मातृ शिशु कल्याण केंद्र बेकार साबित होे रहे हैं। ऐसे में इस बार के चुनाव में मूलभूत सुविधाआें पर फोकस होना चाहिए। गांव में गल्ला मंडी, सरकारी इंटर कॉलेज और पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ तालाबाें का सुंदरीकरण भी जरूरी है। मूलभूत सुविधाआें पर ध्यान देने वाले प्रत्याशी को ही चुनाव में जीत दिलाई जाएगी।
-रामफल।
ग्राम प्रधान राजबहादुर सिंह
0 अपने कार्यकाल के दौरान कौन-कौन से कार्य कराए ?
गांव में 575 मीटर खड़ंजा 500 मीटर सीसी का निर्माण और पंचायत भवन की मरम्मत के साथ-साथ कुएं की मरम्मत का कार्य भी कराया गया है।
0 आपके कार्यकाल के कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं?
तालाबाें के घाटाें की मरम्मत का कार्य प्रस्तावित है।
0 क्या ग्राम पंचायत चुनाव में पुन: दावेदारी की योजना है?
- मैने गांव में विकास कराया है। अगर सामान्य सीट रही और जनता ने कहा तो चुनाव लड़ूंगा। जनता का सहयोग मिला तो गांव का समुचित विकास कराया जाएगा।
इंसेट
फैक्ट फाइल
ग्राम सभा- खन्ना
वार्ड- 15
आबादी- 10,000
मतदाता- 4,100
हैंडपंप- 20
शौचालय- 35
लाभार्थियाें की संख्या
समाजवादी पेंशनर्स- 263
वृद्धावस्था पेंशनर्स- 223
विकलांग पेंशनर्स- 30
विधवा पेंशनर्स- 60
इंदिरा आवास- एक
जॉब कार्ड- 846
बीपीएल कार्ड- 212
आंत्योदय कार्ड-119