नए साल से नई इमारत में चलेगा केंद्रीय विद्यालय
जिले को इस साल केंद्रीय विद्यालय की नई इमारत की सौगात मिलेगी। अब इस विद्यालय के बच्चाें को अपना खुद का भवन उपलब्ध हो सकेगा। बच्चे केंद्रीय विद्यालय की इमारत में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। विद्यालय भवन निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
वहीं बेसिक शिक्षा विभाग को नए साल में 300 से ज्यादा नए टीचर मिलेंगे। इसके चलते टीचरों की कमी दूर हो सकेगी।
वर्ष 2010 में तिलक भवन की इमारत में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत की गई थी। चार साल से इस विद्यालय में बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हर साल एक नई क्लास बढ़ने के कारण विद्यालय में कक्षाें की कमी के चलते अब शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
नए साल में विद्यालय की इमारत बनने पर शिक्षण कार्य में सुधार होगा। साथ ही विद्यालय में लैब, लाइब्रेरी, खेल मैदान और झूलों की सुविधाएं भी उपलब्ध हाेंगी।
23 करोड़ रुपये की लागत से केंद्रीय विद्यालय का भवन और आवासीय कालोनी का निर्माण कार्य कराया जाना है। इसके लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये विद्यालय भवन के लिए अवमुक्त हो गया है। कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश जलनिगम सी एंड डीएस को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कार्यदाई संस्था ने नए साल में विद्यालय तैयार करने का आश्वासन दिया है, जिससे बच्चाें को 2015 में नई इमारत में अध्ययन करने को मिलेगा।
इसी तरह सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रदेश में 72 हजार टीचराें की जनवरी 2015 में नियुक्ति होनी है। इसके तहत प्राइमरी और जूनियर में करीब 300 नए टीचराें की नियुक्ति नए साल में होगी।
इससे एकल विद्यालयाें को युगल विद्यालय बनाने का मौका मिलेगा। साथ ही शिक्षामित्रों के भी तीसरे चरण का परीक्षा परिणाम आने के बाद उन्हें भी टीचर बनाकर परिषदीय विद्यालयाें की शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।