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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निरीक्षण में नदारद मिले डाक्टर
अमर उजाला महोबा
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:37 PM IST
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अस्पताल परिसर में तड़प रहे मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल का हाल बेहाल है। ओपीडी में डाक्टरों के न बैठने से मरीज परेशान हैं। मंगलवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अचानक जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे तो डाक्टर नदारद मिले। दर्जनों की संख्या में मरीज व मासूम बच्चों से उन्होंने इलाज और चिकित्सक के बारे में जानकारी ली। मरीजों ने बताया सुबह आठ बजे आए थे, अब दोपहर का एक बजने वाला है, मगर डाक्टर नहीं आए।
मौसम में बदलाव से मरीजों की संख्या बढ़ी है। उल्टी, दस्त, बुखार, सर्दी व जुखाम के मरीजों की अस्पताल में भीड़ रहती है। प्रतिदिन जिला अस्पताल में एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन डाक्टरों के ओपीडी में न बैठने से मरीजों को प्राइवेट क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसकी तमाम शिकायतें सीएमएस व जिला प्रशासन से की गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हो सका। मंगलवार दोपहर 12:30 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मधुसूदन नागराज हुगली अचानक जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ओपीडी में पहुंचकर वहां की स्थिति देखी। इक्का दुक्का डाक्टरों को छोड़कर कई कक्ष से डाक्टर नदारद मिले।
कक्षों के बाहर इंतजार कर रहे मरीजों ने बताया वह सुबह आठ बजे अस्पताल खुलते ही पर्चा बनवाकर आ गए है, लेकिन डाक्टर साहब नहीं आए। बच्चों का इलाज कराने आई देवकी, मीरा, कौशल्या व सुमन ने बताया कि डाक्टर कक्ष में नहीं बैठे है। जानकारी करने पर बताया गया कि डाक्टर वार्डों में राउंड पर हैं। अगर डाक्टर नहीं आए तो प्राइवेट क्लीनिक में बच्चे का इलाज कराएंगे। मरीजों की यह बात सुनकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नाराजगी जताई। उन्होंने लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
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जिला अस्पताल में डाक्टरों की बेहद कमी है। जो डाक्टर हैं उनसे समय पर ओपीडी में बैठने के निर्देश दिए गए है। यदि डाक्टर बिना किसी वजह के गायब मिलते हैं तो जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। डा. उदयवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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मौसम में बदलाव से मरीजों की संख्या बढ़ी है। उल्टी, दस्त, बुखार, सर्दी व जुखाम के मरीजों की अस्पताल में भीड़ रहती है। प्रतिदिन जिला अस्पताल में एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन डाक्टरों के ओपीडी में न बैठने से मरीजों को प्राइवेट क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसकी तमाम शिकायतें सीएमएस व जिला प्रशासन से की गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हो सका। मंगलवार दोपहर 12:30 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मधुसूदन नागराज हुगली अचानक जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ओपीडी में पहुंचकर वहां की स्थिति देखी। इक्का दुक्का डाक्टरों को छोड़कर कई कक्ष से डाक्टर नदारद मिले।
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कक्षों के बाहर इंतजार कर रहे मरीजों ने बताया वह सुबह आठ बजे अस्पताल खुलते ही पर्चा बनवाकर आ गए है, लेकिन डाक्टर साहब नहीं आए। बच्चों का इलाज कराने आई देवकी, मीरा, कौशल्या व सुमन ने बताया कि डाक्टर कक्ष में नहीं बैठे है। जानकारी करने पर बताया गया कि डाक्टर वार्डों में राउंड पर हैं। अगर डाक्टर नहीं आए तो प्राइवेट क्लीनिक में बच्चे का इलाज कराएंगे। मरीजों की यह बात सुनकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नाराजगी जताई। उन्होंने लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
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जिला अस्पताल में डाक्टरों की बेहद कमी है। जो डाक्टर हैं उनसे समय पर ओपीडी में बैठने के निर्देश दिए गए है। यदि डाक्टर बिना किसी वजह के गायब मिलते हैं तो जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। डा. उदयवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक