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कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो। महोबा
Updated Sat, 13 May 2017 11:24 PM IST
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ढाई लाख के कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
ग्राम सलैया खालसा निवासी शिवराम राजपूत 60 पुत्र बद्रीप्रसाद 15 बीघा भूमि का काश्तकार था। कई वर्ष तक खेती में उचित पैदावार न होने पर किसान शिवराम ने किसान क्रेडिट कार्ड पर इलाहाबाद बैंक शाखा मसूदपुरा से ढाई लाख रुपये का कर्ज लिया था।
जिसकी अदायगी किसान नहीं कर सका। इस दफा खेतों में बोई गई मटर व गेहूं की फसल भी अच्छी नहंी हुई।शनिवार की सुबह शिवराम ने खेत में बनी झोपड़ी के समीप लगे पेड़ से फांसी पर झूलकर आत्महत्या कर ली। जब ग्रामीण खेतों की ओर से गुजरे तो किसान का फांसी पर झूलता शव देख उनके होश उड़ गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के पुत्र काशीराम व रामकुमार ने बताया कि उनके पिता कर्ज की अदायगी को लेकर परेशान रहते थे। अक्सर इसकी चर्चा घर पर होती थी। कई वर्षों से पैदावार भी अच्छी नही हुई।
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ग्राम सलैया खालसा निवासी शिवराम राजपूत 60 पुत्र बद्रीप्रसाद 15 बीघा भूमि का काश्तकार था। कई वर्ष तक खेती में उचित पैदावार न होने पर किसान शिवराम ने किसान क्रेडिट कार्ड पर इलाहाबाद बैंक शाखा मसूदपुरा से ढाई लाख रुपये का कर्ज लिया था।
जिसकी अदायगी किसान नहीं कर सका। इस दफा खेतों में बोई गई मटर व गेहूं की फसल भी अच्छी नहंी हुई।शनिवार की सुबह शिवराम ने खेत में बनी झोपड़ी के समीप लगे पेड़ से फांसी पर झूलकर आत्महत्या कर ली। जब ग्रामीण खेतों की ओर से गुजरे तो किसान का फांसी पर झूलता शव देख उनके होश उड़ गए।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के पुत्र काशीराम व रामकुमार ने बताया कि उनके पिता कर्ज की अदायगी को लेकर परेशान रहते थे। अक्सर इसकी चर्चा घर पर होती थी। कई वर्षों से पैदावार भी अच्छी नही हुई।
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