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गांव में गंदगी का अंबार, अधिकारियों के चमक रहे बंगले

Sat, 08 Apr 2017 11:13 PM IST
महोबा
महोबा Updated Sat, 08 Apr 2017 11:13 PM IST
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The dirt of the village, the bungalows shining the officials
करहरा गांव में लगा गंदगी का अंबार - फोटो : amar ujala
महोबा। प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की जिले में पोल खुल गई है। गांवों की साफ-सफाई के लिए तैनात सफाई कर्मचारी गांव की सफाई न करके अधिकारियों के बंगले और घर चमका रहे है। सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी गांव की तस्वीर नहीं बदल सकी है।
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गांव-गांव को साफ रखने की गरज से एक दशक पहले जिला पंचायत राज विभाग ने करीब 500 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की थी। गांव की सफाई करने के बजाय अधिकारियों के बंगलों की सफाई कर रहे है। इतना ही नहीं कुछ तो अधिकारियों की गाड़ियां चला रहे है। अधिकारी सब कुछ जानने के बाद भी खमोशी अख्तियार किए है।
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स्थिति यह है कि दो-दो माह तक सफाई कर्मी गांवों में नहीं जाते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सफाई अभियान के मद्देनजर अधिकारी और कर्मचारियों ने कार्यालयों में साफ-सफाई कर चमका दिया। लेकिन सफाई के नाम पर हर माह करोड़ों रुपये तनख्वाह लेने वाले सफाई कर्मचारी झाड़ू पकड़ने में शर्म महसूस कर रहे है।
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करहरा निवासी इंद्रपाल, चंदन सिंह, रामसिंह, परमेश्वरीलाल यादव, ग्राम चांदो निवासी रामदेव, हलकुट्टा, रिवई निवासी मोहम्मद शब्बीर, राजकुमार सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मचारी महीनों गांव में नहीं आते है। शिकायत करने के बाद भी अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे है।


संबद्ध आजमगढ़ में, पगार ले रहे महोबा से
जिला पंचायत राज विभाग की अनदेखी के चलते सफाई कर्मचारियों की बल्ले बल्ले है। हालात ये है कि करीब एक दर्जन सफाई कर्मचारी काम आजमगढ़ में कर रहे है और तनख्वाह महोबा से पा रहे है। सफाई कर्मचारियों ने अपनी ऊंची पहुंच के चलते अपने आप को आजमगढ़ में संबद्ध करा लिया है।

भारी भरकम फौज फिर भी नहीं हो रही सफाई
जिले में सफाई कर्मचारियों की भारी भरकम फौज होने के बाद भी गांव की सफाई नहीं हो पा रही है। कारण, जिला संख्या अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी सहित तमाम अधिकारियों के घरों और कार्यालयों में सफाई कर्मचारी काम कर रहे है। इसके अलावा कुछ सफाई कर्मचारी चुनाव कार्यालय में अटैच है। मतगणना निपटने के बाद सरकार भी बन गई। लेकिन सफाई कर्मचारी निर्वाचन में ही लगे है।


कार्यालयों में संबद्ध सफाई कर्मचारियों को जल्द ही हटा कर उन्हें उनके तैनाती स्थल पर सफाई के लिए भेजा जाएगा। जो भी सफाई कर्मचारी गांव में नहीं जाएगा और न ही साफ सफाई करेगा ऐसे सफाई कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कितने कर्मचारी कहां संबद्ध है इसकी सूची तैयार करा ली गई है।
                   डीपीआरओ
              डीआर कुशवाहा महोबा
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