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नोट बंदी से बाजार धड़ाम

Sat, 26 Nov 2016 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा Updated Sat, 26 Nov 2016 12:09 AM IST
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The captive market from crashing
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
नोट बंदी के चलते बाजार धड़ाम हो गया है। नोटों की कमी के चलते बिक्री न होने से व्यापारियों का बजट गड़बड़ा गया है। हालात ये हैं कि सर्दी का मौसम आते देख ज्यादातर कपड़ा व्यापारियों ने करोड़ों रुपये के गर्म वस्त्र खरीद लिए थे। लेकिन, नोट बंदी के चलते बाजार में आई मंदी से गर्म वस्त्रों को कोई नहीं
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पूछ रहा है। इसी तरह अन्य कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।  व्यापारियों की 10 से 20 फीसदी ही बिक्री हो रही है। सुबह 11:30 बजे अमर उजाला की टीम शहर के मुख्य बाजार पहुंची। लेकिन, बाजार में सन्नाटा दिखाई दिया। वस्त्र विक्रेता नीटू सरदार का कहना है कि दुकान पर लगे कर्मचारियों का
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वेतन तक नहीं निकल पा रहा है। बिक्री 80-85 फीसदी घट गई है। इस साल कपड़ों और रेडीमेड कपड़ों के कारोबार पर खासा असर पड़ा है।  दोपहर 12:10 बजे गर्म वस्त्र बाजार में टीम पहुंची। जहां पर गर्म वस्त्रों और ऊनी कारोबारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे दिखाई दिए। गर्म वस्त्र विक्रेता रजब मोहम्मद ने
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बताया कि हर साल सर्दी आने से पहले ही अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में लुधियाना से गर्म वस्त्र थोक में खरीद कर रख लिए जाते हैं। इस साल भी गर्म वस्त्रों की खरीददारी कर ली गई थी। लेकिन, नोटबंदी के चलते गर्म कपड़ों का कारोबार भी ठंडा हो गया है। दोपहर 1:00 बजे गल्लामंडी टीम पहुंची। जहां पर नोट

बंदी का खासा असर दिखाई दिया। न तो मंडी में खाद्यान्न मिला और न ही किसान दिखाई दिए। इक्का दुक्का दुकानदार मंडी टहलते नजर आए। बात करने पर गल्ला आढ़ती जगदीश साहू ने बताया कि नोट बंदी से गल्ले का कारोबार भी ठप सा हो गया है। बड़े नोट चलन से बाहर हो जाने के कारण किसानों को फसल बिक्री के एवज में पैसा न मिलने से अब किसान भी अपनी फसल बेचने नहीं आ रहे हैं।

बिल जमा करने को जुटी भीड़
1:45 बजे अमर उजाला की टीम बिजली विभाग पहुंची। जहां पर पुराने नोट बिजली बिल में चलाने के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ दिखी। पुराने नोट जमा करने के प्रति लोग एक दूसरे को धक्का मुक्की करते दिखाई दिए। एक दिन में करीब 30 लाख रुपये से ज्यादा बिजली बिल जमा कराया गया। बिजली विभाग में एक भी उपभोक्ता नए नोट लेकर नहीं पहुंचा। सभी ग्राहकों के पास 500 और 1000 के नोट दिखाई दिए।

शासन के निर्देश पर 500 और 1000 के नोट बिजली बिल में जमा किए जा रहे हैं। बिजली बिल पुराने नोट लिए की गुरुवार को अंतिम तिथि होने के कारण एक दिन में काफी पैसा बिजली बिल का जमा हुआ है और रात में 12 बजे तक पुराने नोटों से बिजली जमा कराया जाएगा इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को लगा दिया गया है।

                     नंहू, अधिशाषी अभियंता-बिजली विभाग
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