फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Seeing the reality of wasted crops, the minister in charge understood the pain of farmers

बर्बाद फसलों की हकीकत देख प्रभारी मंत्री ने समझा किसानों का दर्द

Mon, 16 Mar 2020 11:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2020 11:24 PM IST
विज्ञापन
Seeing the reality of wasted crops, the minister in charge understood the pain of farmers
श्रीनगर/बेलाताल। जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. जीएस धर्मेश ने सोमवार को अफसरों के साथ बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद फसल के नुकसान का जायजा लिया। प्रभारी मंत्री ने टीम के साथ सदर तहसील के ग्राम कैमाहा, इमलिया व ननौरा और तहसील कुलपहाड़ के ग्राम रगौली बुजुर्ग, कैथौरा व अरघटमऊ आदि गांवों का खेतों पर जाकर फसल नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों का दर्द समझा और अफसरों को ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रभारी मंत्री डॉ. जीएस धर्मेश ने डीएम अवधेश कुमार तिवारी व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ श्रीनगर क्षेत्र के ग्राम कैमाहा व इमिलिया में खेतों में पहुंच जायजा लिया। उन्होंने किसानों से फसल में हुए नुकसान कर जानकारी ली। किसान लक्ष्मण सिंह, राकेश तिवारी आदि ने प्रभारी मंत्री को बताया कि ओला गिरने से उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं। अब रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। जिस पर मंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया कि बर्बाद फसल का सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर ही मुआवजा दिलाया जाएगा। डीएम ने प्रभारी मंत्री को बताया कि अभी तक लेखपाल एसडीएम व एडीएम द्वारा जो रिपोर्ट भेजी गई है, उसमें 10 से 15 फीसदी ही फसल का नुकसान बताया गया है। इस मौके पर सीडीओ हीरा सिंह, अपर जिलाधिकारी रामसुरेश वर्मा, एसडीएम राकेश कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर, मंडल अध्यक्ष अनूप सोनी समेत तमाम किसान मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री ने बेलाताल क्षेत्र के रगौली बुजुर्ग, कैथौरा व अरघटमऊ गांव पहुंच खेतों में बर्बाद हुई फसल का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बताया कि किसानों का वाकई नुकसान हुआ है। उन्होंने रगौली बुजुर्ग गांव के किसान नाथूराम यादव के खेत के निरीक्षण में मटर की फसल को 70 से 80 प्रतिशत तक नुकसान होने की बात कही। उन्होंने किसानों से कहा कि जिनका 30 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है और जो राहत की परिधि में आते हैं उनको आकलन के बाद दो दिन के अंदर राहत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन

निष्पक्ष व पारदर्शी रूप से फसल का आकलन करने के निर्देश
प्रभारी मंत्री के निरीक्षण में रगौली बुजुर्ग गांव में मटर की फसल में अधिक नुकसान मिला। इस पर उन्होंने एसडीएम कुलपहाड़ मो. उवैस को सख्त निर्देश दिए कि किसानों के खेतों पर जाकर निष्पक्ष व पारदर्शी रूप से फसल नुकसान का आकलन करें। ऐसा न हो कि पात्र किसानों को राहत न मिले और अपात्र राहत पा जाएं। यदि इस प्रकार का कोई प्रकरण संज्ञान में आया तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सर्वे न होने पर डीएम से संपर्क करें किसान
प्रभारी मंत्री ने निरीक्षण के दौरान किसानों से कहा है कि जिनका नुकसान ज्यादा हुआ है और जिनकी जांच नहीं की गई। वे सीधे डीएम से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। जिलाधिकारी द्वारा संबंधित किसान के खेत पर जांच टीम भेजकर शीघ्र फसल नुकसान की जांच कराई जाएगी। कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए अधिकारी को राहत दिलाने में लापरवाही भारी पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed