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बारिश से चौपट हुई खेती, किसान ने फंदा लगाकर दी जान
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मृतक किसान बृजभान की फाइल फोटो।
- फोटो : MAHOBA
चरखारी (महोबा)। कोतवाली चरखारी के गोरखा गांव में 25 बीघा में बोए गए मटर का बीज बारिश में बर्बाद हो जाने से परेशान किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। किसान का शव खेत में लगे पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटकता मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
गोरखा गांव निवासी दृगपाल के नाम 50 बीघा भूमि है। इसमें उसका पुत्र बृजभान (35) खेती-किसानी का काम करता था। बृजभान इस बार ग्राम पंचायत सदस्य भी थे। इस बार बृजभान ने रबी फसल के दौरान 25 बीघा भूमि में एक सप्ताह पहले मटर की बुआई कराई थी। पांच दिन पहले हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया। इससे बीज बर्बाद हो गया। इससे बृजभान परेशान रहने लगा। शनिवार की रात वह खाना खाने के बाद खेतों की ओर निकल गया। रात में रस्सी का फंदा बनाकर पेड़ से फांसी लगा ली। सुबह जब परिजन खेत पहुंचे तो बृजभान का फंदे पर लटकता शव देख उनके होश उड़ गए।
पिता दृगपाल ने बताया कि कई वर्षों से खेती में सही पैदावार नहीं हो रही थी। अतिवृष्टि के चलते खरीफ फसल भी बर्बाद हो गई थी। बमुश्किल खादबीज का पैसा ही निकल सका। इस बार रबी फसल में 25 बीघा भूमि की बुवाई कराई थी लेकिन बारिश के चलते बीज बर्बाद हो गया। उसका पुत्र परेशान रहने लगा और यह कदम उठाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच की। किसान की मौत से पत्नी ममता व दो पुत्रियां अर्चना व रुचि का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाली प्रभारी शशिकुमार पांडेय का कहना है कि घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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गोरखा गांव निवासी दृगपाल के नाम 50 बीघा भूमि है। इसमें उसका पुत्र बृजभान (35) खेती-किसानी का काम करता था। बृजभान इस बार ग्राम पंचायत सदस्य भी थे। इस बार बृजभान ने रबी फसल के दौरान 25 बीघा भूमि में एक सप्ताह पहले मटर की बुआई कराई थी। पांच दिन पहले हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया। इससे बीज बर्बाद हो गया। इससे बृजभान परेशान रहने लगा। शनिवार की रात वह खाना खाने के बाद खेतों की ओर निकल गया। रात में रस्सी का फंदा बनाकर पेड़ से फांसी लगा ली। सुबह जब परिजन खेत पहुंचे तो बृजभान का फंदे पर लटकता शव देख उनके होश उड़ गए।
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पिता दृगपाल ने बताया कि कई वर्षों से खेती में सही पैदावार नहीं हो रही थी। अतिवृष्टि के चलते खरीफ फसल भी बर्बाद हो गई थी। बमुश्किल खादबीज का पैसा ही निकल सका। इस बार रबी फसल में 25 बीघा भूमि की बुवाई कराई थी लेकिन बारिश के चलते बीज बर्बाद हो गया। उसका पुत्र परेशान रहने लगा और यह कदम उठाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच की। किसान की मौत से पत्नी ममता व दो पुत्रियां अर्चना व रुचि का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाली प्रभारी शशिकुमार पांडेय का कहना है कि घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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