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बारिश से बिगड़े हालात, तालाब ओवरफ्लो
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Sun, 31 Jul 2016 10:52 PM IST
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बेलासागर तालाब से ओवर फ्लो होता पानी
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते ग्रामीण अंचलों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। तालाब उफान पर होने से घरों में पानी घुस रहा है। नालों का पानी भी बाढ़ का रूप लेता जा रहा है। रविवार को बेलासागर के उफना जाने से बेलाताल कस्बे में चारों तरफ पानी नजर आने लगा है। इसी तरह उर्मिल बांध में 235.50 मीटर पानी आ जाने के बाद सिंचाई विभाग ने
बांध की नहर खोलकर तालाबों को भरना शुरू कर दिया है। इससे हर तरफ पानी दिखाई दे रहा है। जिले के दाऊपुरा तालाब, उरवारा तालाब, बेलासागर और रिवई का तालाब उफना जाने से बाढ़ जैसे आसार बढ़ने लगे हैं। तीन दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश से अब लोग परेशान होने लगे हैं। कहीं जल भराव के चलते कच्चे मकान गिर रहे है तो कही खेतों के लबालब होने
से फसलें बर्बाद हो रही हैं। लेकिन जिले में बारिश से पहले खोदे गए तालाबों में अच्छा पानी आ गया है। जिससे जल स्तर बढ़ने के साथ साथ पेयजल समस्या से भी राहत मिलेगी। बेलाताल प्रतिनिधि के अनुसार 926 हेक्टेयर में फैले बेलासागर तालाब से सतारी, जैतपुर, दादरी, भटेवर, सुगिरा सहित 30 गांवों की आठ हजार हेक्टयेर से ज्यादा जमीन की सिंचाई
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की जाती है। बेलासागर की जल भंडारण क्षमता 13 फीट है। जबकि बेलासागर में 13 फीट से ज्यादा पानी आ जाने के कारण दो दिनों से पानी बंधान के ऊपर से बह रहा है। इससे बेलाताल कस्बे में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
लेकिन सूखे पड़े हैं कुएं
झमाझम बारिश से तालाब, बांध उफना रहे हैं। लेकिन कुएं आज भी सूखे पड़े हैं। बारिश से जगह जगह जल भराव के चलते हैंडपंपों का जल स्तर बढ़ गया है, लेकिन कुओं का जल स्तर न बढ़ने से कुएं आज भी प्यासे हैं। लेकिन कुओं में पानी नहीं आ रहा है। 70 वर्षीय गंगा साहू और 80 वर्षीय निसार मोहम्मद का कहना है कि कुओं की साफ सफाई और मरम्मत न होने से कुओं की झिरें बंद हो गई है। कुओं की सफाई कराने की आवश्यकता है।
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बांध की नहर खोलकर तालाबों को भरना शुरू कर दिया है। इससे हर तरफ पानी दिखाई दे रहा है। जिले के दाऊपुरा तालाब, उरवारा तालाब, बेलासागर और रिवई का तालाब उफना जाने से बाढ़ जैसे आसार बढ़ने लगे हैं। तीन दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश से अब लोग परेशान होने लगे हैं। कहीं जल भराव के चलते कच्चे मकान गिर रहे है तो कही खेतों के लबालब होने
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से फसलें बर्बाद हो रही हैं। लेकिन जिले में बारिश से पहले खोदे गए तालाबों में अच्छा पानी आ गया है। जिससे जल स्तर बढ़ने के साथ साथ पेयजल समस्या से भी राहत मिलेगी। बेलाताल प्रतिनिधि के अनुसार 926 हेक्टेयर में फैले बेलासागर तालाब से सतारी, जैतपुर, दादरी, भटेवर, सुगिरा सहित 30 गांवों की आठ हजार हेक्टयेर से ज्यादा जमीन की सिंचाई
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की जाती है। बेलासागर की जल भंडारण क्षमता 13 फीट है। जबकि बेलासागर में 13 फीट से ज्यादा पानी आ जाने के कारण दो दिनों से पानी बंधान के ऊपर से बह रहा है। इससे बेलाताल कस्बे में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
लेकिन सूखे पड़े हैं कुएं
झमाझम बारिश से तालाब, बांध उफना रहे हैं। लेकिन कुएं आज भी सूखे पड़े हैं। बारिश से जगह जगह जल भराव के चलते हैंडपंपों का जल स्तर बढ़ गया है, लेकिन कुओं का जल स्तर न बढ़ने से कुएं आज भी प्यासे हैं। लेकिन कुओं में पानी नहीं आ रहा है। 70 वर्षीय गंगा साहू और 80 वर्षीय निसार मोहम्मद का कहना है कि कुओं की साफ सफाई और मरम्मत न होने से कुओं की झिरें बंद हो गई है। कुओं की सफाई कराने की आवश्यकता है।