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Mahoba News: नहीं चालू हुए खरीद केंद्र, औने-पौने दाम पर मूंगफली बेच रहे किसान
Sun, 16 Nov 2025 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 16 Nov 2025 12:59 AM IST
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फोटो 15 एमएएचपी 01 परिचय-शहर की नवीन गल्ला मंडी के बाहर सुबह छह बजे से खड़े मूंगफली लदे किसानों
महोबा। विभागीय अधिकारियों की मनमानी जिले के किसानों पर भारी पड़ रही है। एक नवंबर से शासन ने मूंगफली के खरीद केंद्र खोले जाने के निर्देश दिए थे लेकिन आज तक इन केंद्रों में खरीद का काम चालू नहीं हो सका। इससे किसान मंडियों और खुले बाजार में औने-पौने दाम पर मूंगफली बेचने को मजबूर हैं। शहर की नवीन गल्ला मंडी में देर रात किसानों के मूंगफली भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे खड़े होने से जाम की स्थिति बन रही है।
शासन की ओर से इस बार समर्थन मूल्य योजना के तहत मूंगफली का रेट 7,263 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जिले में मूंगफली खरीद के लिए छह केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें भरवारा मंडी में दो, खरेला, श्रीनगर, मकरबई व लुहेड़ी में एक-एक केंद्र बनाया गया है लेकिन इन केंद्रोंं में आज तक खरीद का काम शुरू नहीं हो सका। यही वजह है कि बेटियों की शादी और अन्य जरूरतों के लिए किसान खुले बाजार में मूंगफली बेच रहे हैं।
शहर की नवीन गल्ला मंडी में मूंगफली बेचने के लिए देर रात से ही किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली व लोडर लेकर पहुंच रहे हैं। व्यापारी मौके का फायदा उठाते हुए शासन से निर्धारित दर के सापेक्ष डेढ़ से दो हजार रुपये सस्ती प्रति क्विंटल मूंगफली खरीद रहे हैं। इससे किसानोंं का शोषण हो रहा है लेकिन जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उधर, पीसीयू के जिला प्रबंधक कमलेश कुमार विश्वकर्मा का कहना है कि केंद्रों की आईडी बनाने का काम जारी है। एक-दो दिन में प्रक्रिया पूरी होते ही मूंगफली खरीद का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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सुबह आए थे दोपहर तक नहीं बिकी
पठा निवासी किसान रामेश्वर ने बताया कि वह मंडी में माल लेकर सुबह सुबह आ गए थे। दोपहर डेढ़ बजे तक मूंगफली नहीं बिकी। मंडी में प्रति क्विंटल 4,500 से छह हजार रुपये तक में मूंगफली बिक रही है। सरकारी खरीद केंद्र खुले नहीं है, इस पर खुले बाजार में बेच रहे हैं। बीमारी और खाद-बीज का उधार लिया पैसा चुकाने के लिए मूंगफली बेची है।
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बकायेदारी चुकाने के लिए बेचने आए हैं फसल
बम्हौरीखुर्द निवासी किसान पंचमलाल ने बताया कि सुबह चार बजे आए थे। गेट बंद होने पर बाहर खड़े रहे। सुबह छह बजे गेट खुले, तब अंदर गए। 15 से 20 क्विंटल मूंगफली बेचने को लाए हैं। जो 5,200 रुपये प्रति क्विंटल में तय हुई है। बोरी का 200 ग्राम काटा जा रहा है। घर खर्च और बकायेदारी चुकाने को लेकर फसल बेचने आए हैं।
मजबूरी में मंडी में बेचनी पड़ी
भटेवराकलां निवासी किसान बाबूलाल बताते हैं कि सुबह आ गए थे। आढ़ती ने 5,400 रुपये प्रति क्विंटल में मूंगफली खरीदना तय की। बाद में हाथ से मूंगफली देखने पर खरीद निरस्त कर दी। पल्लेदारी के नाम पर अतिरिक्त मांग नहीं है। परिवार के भरण-पोषण और मजदूरी चुकाने को लेकर मूंगफली बेचने मंडी आए थे।
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शासन की ओर से इस बार समर्थन मूल्य योजना के तहत मूंगफली का रेट 7,263 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जिले में मूंगफली खरीद के लिए छह केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें भरवारा मंडी में दो, खरेला, श्रीनगर, मकरबई व लुहेड़ी में एक-एक केंद्र बनाया गया है लेकिन इन केंद्रोंं में आज तक खरीद का काम शुरू नहीं हो सका। यही वजह है कि बेटियों की शादी और अन्य जरूरतों के लिए किसान खुले बाजार में मूंगफली बेच रहे हैं।
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शहर की नवीन गल्ला मंडी में मूंगफली बेचने के लिए देर रात से ही किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली व लोडर लेकर पहुंच रहे हैं। व्यापारी मौके का फायदा उठाते हुए शासन से निर्धारित दर के सापेक्ष डेढ़ से दो हजार रुपये सस्ती प्रति क्विंटल मूंगफली खरीद रहे हैं। इससे किसानोंं का शोषण हो रहा है लेकिन जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उधर, पीसीयू के जिला प्रबंधक कमलेश कुमार विश्वकर्मा का कहना है कि केंद्रों की आईडी बनाने का काम जारी है। एक-दो दिन में प्रक्रिया पूरी होते ही मूंगफली खरीद का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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सुबह आए थे दोपहर तक नहीं बिकी
पठा निवासी किसान रामेश्वर ने बताया कि वह मंडी में माल लेकर सुबह सुबह आ गए थे। दोपहर डेढ़ बजे तक मूंगफली नहीं बिकी। मंडी में प्रति क्विंटल 4,500 से छह हजार रुपये तक में मूंगफली बिक रही है। सरकारी खरीद केंद्र खुले नहीं है, इस पर खुले बाजार में बेच रहे हैं। बीमारी और खाद-बीज का उधार लिया पैसा चुकाने के लिए मूंगफली बेची है।
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बकायेदारी चुकाने के लिए बेचने आए हैं फसल
बम्हौरीखुर्द निवासी किसान पंचमलाल ने बताया कि सुबह चार बजे आए थे। गेट बंद होने पर बाहर खड़े रहे। सुबह छह बजे गेट खुले, तब अंदर गए। 15 से 20 क्विंटल मूंगफली बेचने को लाए हैं। जो 5,200 रुपये प्रति क्विंटल में तय हुई है। बोरी का 200 ग्राम काटा जा रहा है। घर खर्च और बकायेदारी चुकाने को लेकर फसल बेचने आए हैं।
मजबूरी में मंडी में बेचनी पड़ी
भटेवराकलां निवासी किसान बाबूलाल बताते हैं कि सुबह आ गए थे। आढ़ती ने 5,400 रुपये प्रति क्विंटल में मूंगफली खरीदना तय की। बाद में हाथ से मूंगफली देखने पर खरीद निरस्त कर दी। पल्लेदारी के नाम पर अतिरिक्त मांग नहीं है। परिवार के भरण-पोषण और मजदूरी चुकाने को लेकर मूंगफली बेचने मंडी आए थे।