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Mahoba News: रास्ता भटकी मासूम के इशारों से परिजन तक पहुंची पुलिस
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फोटो 30 एमएएचपी 09 परिचय-मासूम बच्ची को गोद में लेकर पुलिसकर्मी को धन्यवाद देता पिता राकेश। स्र
महोबा। पीआरवी पुलिस का एक बार फिर सराहनीय कार्य सामने आया है। तीन दिन पहले आधे-अधूरे शब्दों को एआई की मदद से जोड़कर झारखंड की महिला को परिजन से मिला चुकी पुलिस ने बुधवार को भी ऐसा ही कार्य किया। रास्ता भटकी मासूम नाम-पता बता पाने में असमर्थ थी। पुलिस उसके इशारों व संकेतों को समझते हुए परिजन तक पहुंची। मासूम बेटी को पाकर पिता ने उसे गले से लगा लिया और पुलिस के कार्य की सराहना की।
श्रीनगर-महोबा मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास बुधवार की सुबह एक पांच वर्षीय बालिका अकेले श्रीनगर की ओर से जा रही थी। इसकी सूचना लोगों ने पीआरवी 7336 को दी। सूचना मिलने पर पीआरवी कमांडर शमीम खान व चालक रणजीत सिंह मौके पर पहुंचे और बच्ची को संरक्षण में लेते हुए अधिकारियों को जानकारी दी। पूछताछ में बच्ची पिता का नाम राकेश बता रही थी जबकि अपना नाम व पता नहीं बता पा रही थी।
पीआरवी कर्मियों ने बालिका को समझाते हुए उसके बताए इशारों और संकेतों का समझने का प्रयास किया। पीआरवी कर्मी उसके इशारों के आधार पर कस्बा श्रीनगर की ओर ले गए जहां से उसके घर तक पहुंचने में मदद मिली। बच्ची को सकुशल पाकर पिता राकेश ने उसे सीने से लगा लिया। बता दें कि तीन दिन पहले भी पुलिस ने झारखंड से महोबा भटक कर आई महिला को परिजन से मिलाया था। वह भी अपना नाम-पता सही से नहीं बता पा रही थी। टूटे-फूटे शब्दों को एआई की मदद से जोड़कर पुलिस ने महिला की पहचान हीरा तोपनो निवासी खूंटी, झारखंड के रूप में की थी। एएसपी वंदना सिंह का कहना है कि पुलिस बिछड़े लोगों को मिलाने के लिए तत्परता से काम कर रही है। भटकी मासूम बच्ची को पुलिस ने इशारों के माध्यम से उसके परिजन तक पहुंचाया है।
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श्रीनगर-महोबा मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास बुधवार की सुबह एक पांच वर्षीय बालिका अकेले श्रीनगर की ओर से जा रही थी। इसकी सूचना लोगों ने पीआरवी 7336 को दी। सूचना मिलने पर पीआरवी कमांडर शमीम खान व चालक रणजीत सिंह मौके पर पहुंचे और बच्ची को संरक्षण में लेते हुए अधिकारियों को जानकारी दी। पूछताछ में बच्ची पिता का नाम राकेश बता रही थी जबकि अपना नाम व पता नहीं बता पा रही थी।
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पीआरवी कर्मियों ने बालिका को समझाते हुए उसके बताए इशारों और संकेतों का समझने का प्रयास किया। पीआरवी कर्मी उसके इशारों के आधार पर कस्बा श्रीनगर की ओर ले गए जहां से उसके घर तक पहुंचने में मदद मिली। बच्ची को सकुशल पाकर पिता राकेश ने उसे सीने से लगा लिया। बता दें कि तीन दिन पहले भी पुलिस ने झारखंड से महोबा भटक कर आई महिला को परिजन से मिलाया था। वह भी अपना नाम-पता सही से नहीं बता पा रही थी। टूटे-फूटे शब्दों को एआई की मदद से जोड़कर पुलिस ने महिला की पहचान हीरा तोपनो निवासी खूंटी, झारखंड के रूप में की थी। एएसपी वंदना सिंह का कहना है कि पुलिस बिछड़े लोगों को मिलाने के लिए तत्परता से काम कर रही है। भटकी मासूम बच्ची को पुलिस ने इशारों के माध्यम से उसके परिजन तक पहुंचाया है।
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