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पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन, नहीं लिया शव
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श्रीनगर (महोबा)। थाने के ग्राम पवा में जुआरियों को पकड़ने गई पुलिस को देखकर तालाब में कूदने से ग्रामीण की मौत का मामला तूल पकड़ गया। पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। इससे मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद 17 घंटे तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीनगर परिसर में रखा रहा। बाद में, अफसरों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कराने और आर्थिक मदद किए जाने का भरोसा देकर परिजनों को मनाया। तब शव का अंतिम संस्कार हो सका।
गौरतलब है कि ग्राम पवा निवासी लोकनाथ (58) पुत्र चुंटा राजपूत शुक्रवार की सुबह गांव के बाहर स्थित तालाब के समीप ताश के पत्ते खेल रहे ग्रामीणों के पास बैठा था, तभी मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। पुलिस को देखकर जुआरी भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो कार्रवाई से बचने के लिए लोकनाथ तालाब में कूद गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। तब परिजनों ने हंगामा काटते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
लोकनाथ का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंपा, लेकिन मृतक के पुत्र रामस्वरूप व परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने की चेतावनी दी। पूरी रात शव पीएचसी श्रीनगर परिसर में रखा रहा। सुबह कई बार वार्ता हुई लेकिन परिजन नहीं माने। शनिवार की दोपहर दो बजे सीओ चरखारी दिनेश यादव ने परिजनों को समझाया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। साथ ही, सरकारी सहायता व एक आवास दिलाने की बात कही। तब परिजन शांत हुए और करीब तीन बजे शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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गौरतलब है कि ग्राम पवा निवासी लोकनाथ (58) पुत्र चुंटा राजपूत शुक्रवार की सुबह गांव के बाहर स्थित तालाब के समीप ताश के पत्ते खेल रहे ग्रामीणों के पास बैठा था, तभी मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। पुलिस को देखकर जुआरी भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो कार्रवाई से बचने के लिए लोकनाथ तालाब में कूद गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। तब परिजनों ने हंगामा काटते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
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लोकनाथ का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंपा, लेकिन मृतक के पुत्र रामस्वरूप व परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने की चेतावनी दी। पूरी रात शव पीएचसी श्रीनगर परिसर में रखा रहा। सुबह कई बार वार्ता हुई लेकिन परिजन नहीं माने। शनिवार की दोपहर दो बजे सीओ चरखारी दिनेश यादव ने परिजनों को समझाया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। साथ ही, सरकारी सहायता व एक आवास दिलाने की बात कही। तब परिजन शांत हुए और करीब तीन बजे शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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