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Mahoba News: सर्दी, जुकाम और जोड़ों के दर्द के मरीज बढ़े
Thu, 05 Feb 2026 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Thu, 05 Feb 2026 12:41 AM IST
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महोबा। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल में उपचार के लिए मरीजों की कतारें लगी रहीं। मौसमी बीमारी से ग्रसित मरीज नाजुक हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे।
कुछ दिन पहले तक जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 900 मरीजों का इलाज होता था। लेकिन, वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 1,200 के पार हो गई। बुधवार की सुबह अस्पताल खुलते ही पर्चा काउंटर, डॉक्टरों के कक्ष व दवा वितरण काउंटर पर लंबी कतारें लगी रहीं। ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल बुखार, सांस की दिक्कत और जोड़ों के दर्द के आए। अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में भी ब्लड के सैंपल की जांचों का दबाव बढ़ गया है। पैथालॉजी में इस समय प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की जांच हो रही है। डॉ. राजेश भट्ट ने बताया कि तापमान में अचानक गिरावट से सांस की दिक्कत वाले मरीज बढ़े हैं। ठंडी हवा व प्रदूषण से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस की समस्या बढ़ी है। उन्होंने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, धूल-धुएं से दूर रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी। इसके अलावा बच्चों में भी सर्दी-जुकाम, खांसी व वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बदलते मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, इससे वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं।
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कुछ दिन पहले तक जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 900 मरीजों का इलाज होता था। लेकिन, वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 1,200 के पार हो गई। बुधवार की सुबह अस्पताल खुलते ही पर्चा काउंटर, डॉक्टरों के कक्ष व दवा वितरण काउंटर पर लंबी कतारें लगी रहीं। ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल बुखार, सांस की दिक्कत और जोड़ों के दर्द के आए। अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में भी ब्लड के सैंपल की जांचों का दबाव बढ़ गया है। पैथालॉजी में इस समय प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की जांच हो रही है। डॉ. राजेश भट्ट ने बताया कि तापमान में अचानक गिरावट से सांस की दिक्कत वाले मरीज बढ़े हैं। ठंडी हवा व प्रदूषण से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस की समस्या बढ़ी है। उन्होंने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, धूल-धुएं से दूर रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी। इसके अलावा बच्चों में भी सर्दी-जुकाम, खांसी व वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बदलते मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, इससे वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं।
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