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हरपालपुर मंडी बंद होने से उपज बेचने को भटक रहे किसान
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पनवाड़ी (महोबा)। कृषि मंडी हरपालपुर में व्यापारियों और माल की तौलाई करने वाले कर्मियों के बीच चल रहे विवाद के चलते मंडी में सन्नाटा पसरा है। चार दिन से मंडी बंद होने के चलते उपज बेचने के लिए किसान परेशान है।
सीमा से सटे मध्यप्रदेश की हरपालपुर मंडी की दूरी जिले के पनवाड़ी व महोबकंठ क्षेत्र से करीब 20 किलोमीटर है। इसके बीच 50 से अधिक गांव हैं। जहां से किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडी आते हैं।
तौल करने वाले कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें दो रुपये प्रति क्विंटल की दर से व्यापारियों द्वारा भुगतान किया जाए, अभी 40 पैसे प्रति क्विंटल भुगतान किया जा रहा है।
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वहीं व्यापारी इस पर सहमत नहीं है। इस कारण मंडी का कामकाज ठप पड़ा हुआ है। पैदावार बेचने के लिए किसान इधर-उधर भटक रहे हैं। चार दिन पहले किसानों ने माल न खरीदे जाने पर हाईवे पर जाम भी लगाया था।
- पनवाड़ी के किसान चिनाकोटि का कहना है कि हरपालपुर मंडी में ताला जड़ दिया गया है। रुपयों की जरूरत होने के चलते माल बेचना है। ऐसे में उन्हें अब 35 किमी दूर राठ मंडी जाना पड़ेेगा और कम दर पर माल बेचना होगा। हरपालपुर मंडी में छनाई का पैसा भी नहीं लगता है।
- महोबकंठ के किसान मनप्यारे कुशवाहा का कहना है कि हरपालपुर मंडी में किसानों के माल की खुली बोली लगाई जाती है। जो बढ़कर बोली लगाता है, उसी व्यापारी को किसान माल बेचते हैं। अन्य मंडियों में ऐसा नहीं होता, जिससे किसान हरपालपुर मंडी का सहारा लेते हैं।
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सीमा से सटे मध्यप्रदेश की हरपालपुर मंडी की दूरी जिले के पनवाड़ी व महोबकंठ क्षेत्र से करीब 20 किलोमीटर है। इसके बीच 50 से अधिक गांव हैं। जहां से किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडी आते हैं।
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तौल करने वाले कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें दो रुपये प्रति क्विंटल की दर से व्यापारियों द्वारा भुगतान किया जाए, अभी 40 पैसे प्रति क्विंटल भुगतान किया जा रहा है।
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वहीं व्यापारी इस पर सहमत नहीं है। इस कारण मंडी का कामकाज ठप पड़ा हुआ है। पैदावार बेचने के लिए किसान इधर-उधर भटक रहे हैं। चार दिन पहले किसानों ने माल न खरीदे जाने पर हाईवे पर जाम भी लगाया था।
- पनवाड़ी के किसान चिनाकोटि का कहना है कि हरपालपुर मंडी में ताला जड़ दिया गया है। रुपयों की जरूरत होने के चलते माल बेचना है। ऐसे में उन्हें अब 35 किमी दूर राठ मंडी जाना पड़ेेगा और कम दर पर माल बेचना होगा। हरपालपुर मंडी में छनाई का पैसा भी नहीं लगता है।
- महोबकंठ के किसान मनप्यारे कुशवाहा का कहना है कि हरपालपुर मंडी में किसानों के माल की खुली बोली लगाई जाती है। जो बढ़कर बोली लगाता है, उसी व्यापारी को किसान माल बेचते हैं। अन्य मंडियों में ऐसा नहीं होता, जिससे किसान हरपालपुर मंडी का सहारा लेते हैं।