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पेयजल आपूर्ति धड़ाम, 70 फीसदी हैंडपंपों ने भी दिया जबाव

Mon, 11 Apr 2022 11:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 11:49 PM IST
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हैंडपंप में अपनी बारी का इंतजार करते ग्रामीण। - फोटो : MAHOBA
खरेला (महोबा)। खरेला में 15 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप होने से पानी के लिए हाहाकार मचा है। आबादी में लगे 415 हैंडपंपों में 280 खराब हो गए हैं। ग्रामीण दूर-दराज से पानी लाकर प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। समस्या का समाधान न होने पर लोग नगर पंचायत को कोसते हैं।
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नगर पंचायत खरेला की दो वर्ग किलोमीटर में बसी 30 हजार की आबादी के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर बनी पेयजल आपूर्ति योजना गर्मी के मौसम में धराशाई हो गई है। साल 2003 में सात करोड़ रुपये की लागत से नगर के 12 वार्डों के लिए बनी पेयजल योजना 18 साल बाद भी मंसूबों पर खरी नहीं उतरी।
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गर्मी के मौसम में दगा दे रही है। ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2016 में 6.74 करोड़ रुपये का बजट पुनर्गठन योजना में खर्च हुआ लेकिन हालत जस के तस हैं। तत्कालीन डीएम सहदेव ने जिला योजना से दो ट्यूबवेल लगवाकर समस्या के समाधान का प्रयास किया था। दोनों ट्यूबवेल अधिकतर खराब बने रहते हैं।
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अर्जुन बांध से जुड़ी पेयजल आपूर्ति से सुविधा प्रत्येक वार्ड तक उपलब्ध कराने के लिए सदर विधायक राकेेेश गोस्वामी ने दो साल पहले 90 लाख रुपये स्वीकृत करवाकर पाइपलाइन विस्तार कराया। स्थापना काल से अब तक करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी हालत नहीं सुधरी है।
15 दिनों से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार गौर नहीं कर रहे हैं। आबादी में लगे 415 हैंडपंपों में से 280 खराब पड़े हैं। नगर पंचायत प्रशासन सामान की कमी बताकर मरम्मत नहीं कर रहा है।
गर्मी के मौसम में हर साल समस्या बनती पेयजल आपूर्ति का 15 दिनों से कोई समाधान नहीं हुआ है। पेयजल न आने से ग्रामीणों में आक्रोश है। जल संस्थान के जेई पीएन चौहान का कहना है कि पेयजल उपलब्ध कराने को वह प्रयासरत है।
कस्बे की पेयजल आपूर्ति बाधित होने और अधिकतर हैंडपंपों के दगा देने से बूंद-बूंद पानी को परेशान ग्रामीणों की समस्या को हल करने की बजाय नगर पंचायत प्रशसन ने हाथ खड़े कर दिए। बजट और संसाधनों की कमी बता कर अपना पल्ला झाड़ रहा है।
अधिशासी अधिकारी केके सोनकर ने बताया कि काफी समय पहले आए टैंकर खराब हो गए हैं। एक ट्रैक्टर भी चल रहा है, जो कूड़ा उठाने के काम ने लगा है। आदेश मिलने पर टैंकर से पेयजल आपूर्ति करने की व्यवस्था की जाएगी।
खरेला। कस्बे की पेयजल आपूर्ति में पाइपलाइन में जल जीवन मिशन से संतृप्त हो रहे आधा दर्जन गांव की आपूर्ति का बोझ भारी पड़ गया। 18 साल पहले बनी सामूहिक पेयजल परियोजना में अर्जुन बांध से जुड़ी पेयजल की मुख्य पाइपलाइन से खरेला, रिवई व सुदामापुरी में ही आपूर्ति करने में शामिल थी।
इससे खरेला व इससे जुड़े गांव को पानी मिल जाता था लेकिन पिछले तीन साल से शुरू हुई जलजीवन मिशन से पूर्ण हुए आधा दर्जन गांव की लाइनें इस मुख्य पाइपलाइन में अतिरिक्त बोझ डाल रहीं हैं। इससे मुख्य पाइप लाइन से स्पीड से पानी नहीं पहुंच पा रहा और कस्बे में पेयजल की विकराल समस्या खड़ी हो गई है।

राजेंद्र, वीर सिंह, पप्पू सिंह आदि ने बताया कि जब भी नगर पंचायत कार्यालय जाकर हैंडपंप सुधरवाने की बात कहते है तो कर्मचारी सामान और संसाधन मिलने पर ही हैंडपंप दुरुस्त करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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