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नेता जी! सालों से सड़क और बूंद-बूंद पानी को तरस रहें यहां वोट मांगने न आना
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पनवाड़ी (महोबा)। यूपी-एमपी सीमा से सटे पनवाड़ी ब्लॉक के गांव रावतपुर कला के बाशिंदे आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इस बार गांव वासी कह रहे हैं कि नेताजी सालों से सड़क व पानी की सुविधा नहीं, इसलिए वोट मांगने नहीं आना।
बुंदेलखंड में सड़क व पेयजल समस्या हमेशा से मुद्दा रहा है। पनवाड़ी ब्लॉक के गांव रावतपुर कला तक पहुंचने के लिए झांसी-मिर्जापुर मार्ग से गांव की दूरी है 8 किलोमीटर है। जहां पर सड़क कहीं नजर नहीं आती है। इस मार्ग से रावतपुरा कला, चौका, लादरा, मडोरी, चपरन, गलान गांव के लोग यहीं से गुजरते हैं। ग्रामीणों ने नेताओं को गांव में चुनाव प्रचार के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। इस गांव में आजादी से अब तक लोग एक हैंडपंप पर आश्रित है। अगर खराब हो जाता है तो पानी के लिए मध्यप्रदेश के गांवों में जाकर बैलगाड़ी, साइकिल, अन्य साधनों से पानी ढोते हैं।
गांव के लोगों ने चेतावनी दी है कि सड़क, पानी, बिजली नहीं तो मतदान नहीं करेंगे। गांव के लोगों ने बताया कि पांच साल तक सांसद, विधायक व अन्य प्रतिनिधियों के चक्कर लगाते रहते हैं। किसी ने हमारी सुध नही ली। बरसात के समय में रास्ते बहुत खराब हो जाते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात कोई भी मौसम हो पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची रहती है। जयप्रकाश, माधव, कैलाश, सरोज, मुकुन्दी, राजन, पंकज शर्मा, राजाराम पांचाल, संतोष का कहना है कि 20 फरवरी को वोट नहीं देने का निर्णय लिया है। जनप्रतिनिधियों पर समस्याओं का निराकरण न करने का आरोप लगाया । अगर फिर भी कोई जनप्रतिनिधि गांव आता है तो काले झंडे दिखाए जाएंगे। अगर कोई ठोस लिखित में जिम्मेदारी लेता है तो मतदान किया जाएगा।
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-रावतपुरा कला निवासी मकुंदी कुशवाहा का कहना है कि वर्तमान हो या पूर्व प्रतिनिधि सभी से गांव के विकास के लिये कहा गया, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। गांव में चुनाव प्रचार नहीं करने देंगे। इस बार ग्रामीण मतदान भी नहीं करेंगे।
-संतोष पांचाल का कहना है कि जिससे भी समस्या बताई सभी ने वोट लेकर धोखा दिया। 2017 में पानी और सड़क का मुद्दा हम गांव वालों ने उठाया था तो आश्वासन दिया था। अब तक कुछ नही हुआ। कोई नेता पांच साल में फिर झांकने नहीं आया।
-राजकुमार का कहना है कि सांसद, विधायक व अन्य सभी प्रतिनिधियों ने मूर्ख बनाया है। वर्षों बीते, समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। हम गांव वालों ने प्रण किया है कि इस बार चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे।
-पंकज का कहना है कि गांव में सड़क, पानी की समस्या बरकरार है। समस्याओं को लेकर अपनी जन्मभूमि नहीं छोड़ सकते वर्ना अब तक चले गए होते। नेताओं को अबकी बार सबक सिखाने की तैयारी है।
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बुंदेलखंड में सड़क व पेयजल समस्या हमेशा से मुद्दा रहा है। पनवाड़ी ब्लॉक के गांव रावतपुर कला तक पहुंचने के लिए झांसी-मिर्जापुर मार्ग से गांव की दूरी है 8 किलोमीटर है। जहां पर सड़क कहीं नजर नहीं आती है। इस मार्ग से रावतपुरा कला, चौका, लादरा, मडोरी, चपरन, गलान गांव के लोग यहीं से गुजरते हैं। ग्रामीणों ने नेताओं को गांव में चुनाव प्रचार के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। इस गांव में आजादी से अब तक लोग एक हैंडपंप पर आश्रित है। अगर खराब हो जाता है तो पानी के लिए मध्यप्रदेश के गांवों में जाकर बैलगाड़ी, साइकिल, अन्य साधनों से पानी ढोते हैं।
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गांव के लोगों ने चेतावनी दी है कि सड़क, पानी, बिजली नहीं तो मतदान नहीं करेंगे। गांव के लोगों ने बताया कि पांच साल तक सांसद, विधायक व अन्य प्रतिनिधियों के चक्कर लगाते रहते हैं। किसी ने हमारी सुध नही ली। बरसात के समय में रास्ते बहुत खराब हो जाते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात कोई भी मौसम हो पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची रहती है। जयप्रकाश, माधव, कैलाश, सरोज, मुकुन्दी, राजन, पंकज शर्मा, राजाराम पांचाल, संतोष का कहना है कि 20 फरवरी को वोट नहीं देने का निर्णय लिया है। जनप्रतिनिधियों पर समस्याओं का निराकरण न करने का आरोप लगाया । अगर फिर भी कोई जनप्रतिनिधि गांव आता है तो काले झंडे दिखाए जाएंगे। अगर कोई ठोस लिखित में जिम्मेदारी लेता है तो मतदान किया जाएगा।
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-रावतपुरा कला निवासी मकुंदी कुशवाहा का कहना है कि वर्तमान हो या पूर्व प्रतिनिधि सभी से गांव के विकास के लिये कहा गया, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। गांव में चुनाव प्रचार नहीं करने देंगे। इस बार ग्रामीण मतदान भी नहीं करेंगे।
-संतोष पांचाल का कहना है कि जिससे भी समस्या बताई सभी ने वोट लेकर धोखा दिया। 2017 में पानी और सड़क का मुद्दा हम गांव वालों ने उठाया था तो आश्वासन दिया था। अब तक कुछ नही हुआ। कोई नेता पांच साल में फिर झांकने नहीं आया।
-राजकुमार का कहना है कि सांसद, विधायक व अन्य सभी प्रतिनिधियों ने मूर्ख बनाया है। वर्षों बीते, समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। हम गांव वालों ने प्रण किया है कि इस बार चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे।
-पंकज का कहना है कि गांव में सड़क, पानी की समस्या बरकरार है। समस्याओं को लेकर अपनी जन्मभूमि नहीं छोड़ सकते वर्ना अब तक चले गए होते। नेताओं को अबकी बार सबक सिखाने की तैयारी है।