{"_id":"6a15eb1ac2d107cf22025294","slug":"may-26th-was-the-hottest-day-in-10-years-with-temperatures-in-mahoba-exceeding-46-degrees-mahoba-news-c-225-1-mah1001-125612-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: 10 साल में सबसे अधिक गर्म रही 26 मई, महोबा में पारा 46 डिग्री के पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: 10 साल में सबसे अधिक गर्म रही 26 मई, महोबा में पारा 46 डिग्री के पार
विज्ञापन
महोबा। नौतपा के दूसरे दिन बुंदेलखंड की पठारी धरती भीषण गर्मी से झुलस उठी। मंगलवार को अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 26 मई को पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक बताया जा रहा है। तेज लू और चिलचिलाती धूप ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। वहीं न्यूनतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
सुबह से ही सूरज की तल्खी बढ़ने लगी और आठ बजे के बाद गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक स्थिति और भी खराब हो गई, जब शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों—आल्हा चौक, ऊदल चौक और मुख्य बाजार में सन्नाटा पसर गया। आम दिनों में गुलजार रहने वाले ये इलाके गर्मी के कारण खाली नजर आए।
लोगों को राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेना पड़ा। राहगीर और दुकानदार बार-बार ठंडा पानी, शिकंजी और आम पना पीते दिखाई दिए। शाम के समय आसमान में हल्के बादल छाने से कुछ राहत तो मिली, लेकिन गर्मी का असर देर रात तक बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 3.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। आर्द्रता मात्र 13 प्रतिशत रही जबकि हवाओं की रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटे रही।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक रजनीश मिश्रा ने बताया कि कम आर्द्रता और तेज गर्म हवाओं के कारण ही लू का प्रभाव अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
विज्ञापन
सुबह से ही सूरज की तल्खी बढ़ने लगी और आठ बजे के बाद गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक स्थिति और भी खराब हो गई, जब शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों—आल्हा चौक, ऊदल चौक और मुख्य बाजार में सन्नाटा पसर गया। आम दिनों में गुलजार रहने वाले ये इलाके गर्मी के कारण खाली नजर आए।
विज्ञापन
लोगों को राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेना पड़ा। राहगीर और दुकानदार बार-बार ठंडा पानी, शिकंजी और आम पना पीते दिखाई दिए। शाम के समय आसमान में हल्के बादल छाने से कुछ राहत तो मिली, लेकिन गर्मी का असर देर रात तक बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 3.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। आर्द्रता मात्र 13 प्रतिशत रही जबकि हवाओं की रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटे रही।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक रजनीश मिश्रा ने बताया कि कम आर्द्रता और तेज गर्म हवाओं के कारण ही लू का प्रभाव अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।