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उद्यानिक फसलों से बढ़ाएं आय
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प्रशिक्षण को संबोधित करते कृषि वैज्ञानिक।
- फोटो : MAHOBA
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महोबा/ बेलाताल। कृषि विज्ञान केंद्र पर ग्रीष्मकालीन सब्जियों की उन्नत खेती विषय पर किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। उद्यान वैज्ञानिक ने इस मौसम में कद्दू वर्गीय फसलों में लगने वाले लाल भृंग कीट के प्रबंधन हेतु ग्रीष्मकालीन जुताई व नीम की खली के प्रयोग पर जोर दिया। उद्यानिक फसलों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की सलाह दी गई।
केंद्र के अध्यक्ष डॉ. मुकेश चंद ने वैज्ञानिक मृदा प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। कहा कि किसानों ने वैज्ञानिक पद्धतियों का लाभ लेते हुए जनपद में अपनी आय में वृद्धि की है। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. बृजेश पांडेय द्वारा किसानों को ग्रीष्मकालीन सब्जियों की विभिन्न प्रजातियों के चयन, पौधशाला, तकनीकी देखरेख, सिंचाई प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबधंन के बारे में से बताया। उन्होंने किसानों को खेत में समेकित प्रबंधन हेतु नीम की खली, केंचुआ खाद, कीट प्रबंधन हेतु गंध फॉस फन्दो के प्रयोग से होने वाले लाभ व इन्हें तैयार कर प्रयोग करने की विधि के बारे में बताया।
इस मौसम में कद्दू वर्गीय फसलों में लगने वाले लाल भृंग कीट के प्रबंधन हेतु ग्रीष्मकालीन जुताई व नीम की खली के प्रयोग पर जोर दिया। बैंगन में लगने वाले फल एवं तना छेदक कीट प्रबंधन हेतु इस कीट के लिए उपलब्ध फेरोमैन ट्रैप खेत में लगाने के बारे में बताया। प्रशिक्षण में 18 प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में चयनित 13 प्रगतिशील कृषकों को बैंगन बीज व समुद्री खरपतवार से तैयार होने वाले सागरिका का प्रक्षेत्र परीक्षण हेतु वितरण किया।
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केंद्र के अध्यक्ष डॉ. मुकेश चंद ने वैज्ञानिक मृदा प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। कहा कि किसानों ने वैज्ञानिक पद्धतियों का लाभ लेते हुए जनपद में अपनी आय में वृद्धि की है। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. बृजेश पांडेय द्वारा किसानों को ग्रीष्मकालीन सब्जियों की विभिन्न प्रजातियों के चयन, पौधशाला, तकनीकी देखरेख, सिंचाई प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबधंन के बारे में से बताया। उन्होंने किसानों को खेत में समेकित प्रबंधन हेतु नीम की खली, केंचुआ खाद, कीट प्रबंधन हेतु गंध फॉस फन्दो के प्रयोग से होने वाले लाभ व इन्हें तैयार कर प्रयोग करने की विधि के बारे में बताया।
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इस मौसम में कद्दू वर्गीय फसलों में लगने वाले लाल भृंग कीट के प्रबंधन हेतु ग्रीष्मकालीन जुताई व नीम की खली के प्रयोग पर जोर दिया। बैंगन में लगने वाले फल एवं तना छेदक कीट प्रबंधन हेतु इस कीट के लिए उपलब्ध फेरोमैन ट्रैप खेत में लगाने के बारे में बताया। प्रशिक्षण में 18 प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में चयनित 13 प्रगतिशील कृषकों को बैंगन बीज व समुद्री खरपतवार से तैयार होने वाले सागरिका का प्रक्षेत्र परीक्षण हेतु वितरण किया।
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