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फिर आई एसआईटी, तेज हुई अधिवक्ता की मौत की जांच
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कोतवाली में जांच करते एसआईटी के इंस्पेक्टर विक्रमाजीत सिंह
- फोटो : MAHOBA
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महोबा। अधिवक्ता मुकेश पाठक की खुदकुशी मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम (विशेष जांच दल) शनिवार को दोबारा महोबा आई है। टीम ने मुकेश के परिजनों के साथ ही घटना से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ की। कई के बयान भी दर्ज किए। दोपहर में कोतवाली नगर पहुंची टीम ने विवेचना से संबंधित पर्चा भी काटा। एसआईटी टीम घटना की तेजी से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि 8-10 दिन के भीतर पुलिस कोर्ट में आरोपी ब्लॉक प्रमुख व उसके छह गुर्गों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर देगी।
समद नगर निवासी मुकेश पाठक ने 13 फरवरी को घर में ही अपनी लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में उनके बड़े बेटे राहुल ने कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव, उसके भतीजे विक्रम यादव समेत सात लोगों के खिलाफ वसूली, धमकी व आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शासन के आदेश पर चित्रकूट धाम मंडल के आईजी के सत्यनारायण ने घटना की जांच के लिए बांदा के सीओ अतर्रा आनंद कुमार पांडेय की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित की है। गुरुवार को एसआईटी महोबा आई थी। प्रारंभिक जांच के बाद उसी दिन रात में टीम वापस लौट गई थी। शनिवार की सुबह एसआईटी टीम दोबारा महोबा आई और घटना की जांच तेज कर दी।
एसआईटी के अफसरों ने मुकेश के परिजनों व कुछ अन्य लोगों से पूछताछ की। कई के बयान भी दर्ज किए। टीम ने घटना के दिन एक होटल में हुई आरोपी व पीड़ित पक्ष की पंचायत में शामिल लोगों का भी ब्योरा जुटाया है। इन लोगों से भी पूछताछ करने की तैयारी है। अफसरों ने एफआईआर, विवेचना से जुड़े दस्तावेजों को बारीकी से देखा। साथ ही कोतवाली नगर पुलिस की तरफ से जुटाए गए सबूतों व साक्ष्यों के बारे में भी जानकारी हासिल की। टीम दिन भर घटना से जुड़े लोगों के बारे जानकारी के साथ ही साक्ष्यों को एकत्रित करने में जुटी रही।
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पुलिस दाखिल करेगी आरोप पत्र
एसआईटी अधिवक्ता मुकेश पाठक से वसूली से आत्महत्या तक के मामले की जांच कर रही है। टीम मामले से जुड़े हर बिंदु के साथ ही इससे जुड़े व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच के दायरे में छत्रपाल के करीबी सफेदपोश और खादी व खाकी वाले भी आ सकते हैं। मामले की जांच एसआईटी करेगी। इसके बाद टीम अपनी रिपोर्ट कोतवाली नगर प्रभारी को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर थाना प्रभारी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करेंगे। पुलिस 8-10 दिन बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर सकती है।
एसआईटी ने मांगा वक्त
गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपियों की संपत्ति कुर्क किए जाने के लिए पुलिस ने कागजी कार्रवाई लगभग पूरी कर ली है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी ने एक अफसर से कहा कि कुर्की की कार्रवाई से पहले वह लोग भी आरोपियों की संपत्ति के बारे में छानबीन करना चाहते हैं। इसके लिए दो-तीन दिन का वक्त चाहिए। अफसर ने टीम की बात को मान लिया है।
युवती का नहीं लगा पता
अधिवक्ता मुकेश पाठक की मौत के बाद सोशल मीडिया में एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी छत्रपाल से फोन पर बात कर रही युवती ने मुकेश व उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगाती नजर आ रही है। इस युवती का पुलिस अभी तक पता नहीं लगा सकी है। युवती के सामने आने के बाद ही ऑडियो का सच सामने आ सकेगा।
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समद नगर निवासी मुकेश पाठक ने 13 फरवरी को घर में ही अपनी लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में उनके बड़े बेटे राहुल ने कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव, उसके भतीजे विक्रम यादव समेत सात लोगों के खिलाफ वसूली, धमकी व आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शासन के आदेश पर चित्रकूट धाम मंडल के आईजी के सत्यनारायण ने घटना की जांच के लिए बांदा के सीओ अतर्रा आनंद कुमार पांडेय की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित की है। गुरुवार को एसआईटी महोबा आई थी। प्रारंभिक जांच के बाद उसी दिन रात में टीम वापस लौट गई थी। शनिवार की सुबह एसआईटी टीम दोबारा महोबा आई और घटना की जांच तेज कर दी।
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एसआईटी के अफसरों ने मुकेश के परिजनों व कुछ अन्य लोगों से पूछताछ की। कई के बयान भी दर्ज किए। टीम ने घटना के दिन एक होटल में हुई आरोपी व पीड़ित पक्ष की पंचायत में शामिल लोगों का भी ब्योरा जुटाया है। इन लोगों से भी पूछताछ करने की तैयारी है। अफसरों ने एफआईआर, विवेचना से जुड़े दस्तावेजों को बारीकी से देखा। साथ ही कोतवाली नगर पुलिस की तरफ से जुटाए गए सबूतों व साक्ष्यों के बारे में भी जानकारी हासिल की। टीम दिन भर घटना से जुड़े लोगों के बारे जानकारी के साथ ही साक्ष्यों को एकत्रित करने में जुटी रही।
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पुलिस दाखिल करेगी आरोप पत्र
एसआईटी अधिवक्ता मुकेश पाठक से वसूली से आत्महत्या तक के मामले की जांच कर रही है। टीम मामले से जुड़े हर बिंदु के साथ ही इससे जुड़े व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच के दायरे में छत्रपाल के करीबी सफेदपोश और खादी व खाकी वाले भी आ सकते हैं। मामले की जांच एसआईटी करेगी। इसके बाद टीम अपनी रिपोर्ट कोतवाली नगर प्रभारी को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर थाना प्रभारी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करेंगे। पुलिस 8-10 दिन बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर सकती है।
एसआईटी ने मांगा वक्त
गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपियों की संपत्ति कुर्क किए जाने के लिए पुलिस ने कागजी कार्रवाई लगभग पूरी कर ली है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी ने एक अफसर से कहा कि कुर्की की कार्रवाई से पहले वह लोग भी आरोपियों की संपत्ति के बारे में छानबीन करना चाहते हैं। इसके लिए दो-तीन दिन का वक्त चाहिए। अफसर ने टीम की बात को मान लिया है।
युवती का नहीं लगा पता
अधिवक्ता मुकेश पाठक की मौत के बाद सोशल मीडिया में एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी छत्रपाल से फोन पर बात कर रही युवती ने मुकेश व उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगाती नजर आ रही है। इस युवती का पुलिस अभी तक पता नहीं लगा सकी है। युवती के सामने आने के बाद ही ऑडियो का सच सामने आ सकेगा।