{"_id":"60393d4d8ebc3ee9276a2066","slug":"mahoba-news-mahoba-news-knp614359233","type":"story","status":"publish","title_hn":"शर्बत व मिठाई बांट मनाया हजरत अली का जन्म दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शर्बत व मिठाई बांट मनाया हजरत अली का जन्म दिन
विज्ञापन
आल्हा चौक के पास जलपान कराते मुस्लिम समुदाय के लोग
- फोटो : MAHOBA
महोबा। हजरत अली की यौमे पैदाइश का पर्व शुक्रवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को हजरत अली के जन्म दिन की मुबारकबाद दी। साथ ही शहर में जगह-जगह टेंट लगाकर लोगों को शर्बत व मिठाई बांटी गई।
शुक्रवार को जुमा की नमाज के दौरान उलमाओं ने आवाम से खिताब किया। कहा कि हजरत अली का मानना था कि व्यक्ति को हमेशा सोच समझकर बोलना चाहिए। बोलने से पहले शब्द आपके के गुलाम होते हैं, लेकिन बोलने के बाद आप लफ्जों के गुलाम बन जाते हैं। अपनी सोच को पानी के बूंदों से ज्यादा साफ रखो, क्योंकि जिस तरह बूंदों से दरिया बनता है, उसी तरह सोच से ईमान बनता है। हमेशा समझौता करना सीखना चाहिए, क्योंकि थोड़ा झुक जाना किसी रिश्ते का हमेशा के लिए टूट जाने से बेहतर है। नमाज के बाद शहर में पुलिस चौकी, आल्हा चौक, रोडवेज बस स्टॉप, खनगा बाजार, हवेली दरवाजा, समद नगर समेत विभिन्न इलाकों में टेंट लगाकर राहगीरों व आसपास के लोगों को शर्बत और मिठाई बांटी गई।
चरखारी संवाद के अनुसार हजरत अली की यौमे पैदाइश घड़ी वाली मस्जिद चौराहा पर शान-शौकत के साथ मनाया गया। यहां शायर सैय्यद आफताब कैसर, अंसार चिश्ती, तौफीक चिश्ती व अरशिल खान ने शानदार अंदाज में नात पेश की। हाफिज दानिश ने मौला अली की जिंदगी पर रोशनी डाली व उनके बताए रास्ते पर चलने की लोगों से गुजारिश की। फातहा के सईद सौदागर, डॉ. इफ्तिखार, शालू, बॉबी व छोटू समेत तमाम लोगों ने भोजन कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को जुमा की नमाज के दौरान उलमाओं ने आवाम से खिताब किया। कहा कि हजरत अली का मानना था कि व्यक्ति को हमेशा सोच समझकर बोलना चाहिए। बोलने से पहले शब्द आपके के गुलाम होते हैं, लेकिन बोलने के बाद आप लफ्जों के गुलाम बन जाते हैं। अपनी सोच को पानी के बूंदों से ज्यादा साफ रखो, क्योंकि जिस तरह बूंदों से दरिया बनता है, उसी तरह सोच से ईमान बनता है। हमेशा समझौता करना सीखना चाहिए, क्योंकि थोड़ा झुक जाना किसी रिश्ते का हमेशा के लिए टूट जाने से बेहतर है। नमाज के बाद शहर में पुलिस चौकी, आल्हा चौक, रोडवेज बस स्टॉप, खनगा बाजार, हवेली दरवाजा, समद नगर समेत विभिन्न इलाकों में टेंट लगाकर राहगीरों व आसपास के लोगों को शर्बत और मिठाई बांटी गई।
विज्ञापन
चरखारी संवाद के अनुसार हजरत अली की यौमे पैदाइश घड़ी वाली मस्जिद चौराहा पर शान-शौकत के साथ मनाया गया। यहां शायर सैय्यद आफताब कैसर, अंसार चिश्ती, तौफीक चिश्ती व अरशिल खान ने शानदार अंदाज में नात पेश की। हाफिज दानिश ने मौला अली की जिंदगी पर रोशनी डाली व उनके बताए रास्ते पर चलने की लोगों से गुजारिश की। फातहा के सईद सौदागर, डॉ. इफ्तिखार, शालू, बॉबी व छोटू समेत तमाम लोगों ने भोजन कराया।
विज्ञापन