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जिला अस्पताल में दो शिशुओं की मौत
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महोबा। जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती दो नवजातों की शुक्रवार को मौत हो गई। चिकित्सक ने नवजातों के कम दिन व कम वजन के होने की बात कही। घटनाओं से परिजन गमगीन हो गए। दोनों मृत नवजात शिशुओं को अस्पताल प्रशासन ने शव वाहन से उनके घरों तक पहुंचाया।
थाना महोबकंठ के ग्राम नैपुरा निवासी श्रीदेवी पत्नी जगदेव ने दो दिन पहले जिला अस्पताल में नवजात शिशु को जन्म दिया था। जन्म के बाद ही नवजात बच्ची की हालत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने बाहर ले जाने की सलाह दी लेकिन परिजन अस्पताल में ही इलाज कराते रहे, जिससे उसकी मौत हो गई।
एक अन्य घटना में कोतवाली चरखारी के ग्राम सूपा निवासी द्रोपदी पत्नी पुष्पेंद्र ने 10 दिन पहले नवजात शिशु को जन्म दिया था। महिला के कम दिन का शिशु पैदा हुआ, जिसका वजन महज 800 ग्राम था। जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के सीएमएस व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी मिश्रा का कहना है कि शिशुओं के कम दिन व कम वजन के होने के चलते मौत हुई है। उनके परिजनों को हालत गंभीर होने पर बाहर ले जाने की सलाह देते हुए एंबुलेंस भी मुहैया कराई गई लेकिन परिजन बाहर नहीं ले गए।
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थाना महोबकंठ के ग्राम नैपुरा निवासी श्रीदेवी पत्नी जगदेव ने दो दिन पहले जिला अस्पताल में नवजात शिशु को जन्म दिया था। जन्म के बाद ही नवजात बच्ची की हालत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने बाहर ले जाने की सलाह दी लेकिन परिजन अस्पताल में ही इलाज कराते रहे, जिससे उसकी मौत हो गई।
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एक अन्य घटना में कोतवाली चरखारी के ग्राम सूपा निवासी द्रोपदी पत्नी पुष्पेंद्र ने 10 दिन पहले नवजात शिशु को जन्म दिया था। महिला के कम दिन का शिशु पैदा हुआ, जिसका वजन महज 800 ग्राम था। जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के सीएमएस व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी मिश्रा का कहना है कि शिशुओं के कम दिन व कम वजन के होने के चलते मौत हुई है। उनके परिजनों को हालत गंभीर होने पर बाहर ले जाने की सलाह देते हुए एंबुलेंस भी मुहैया कराई गई लेकिन परिजन बाहर नहीं ले गए।
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