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महोबा कांड: फरार एसपी के अधिवक्ता पर पांच लाख का जुर्माना, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
Wed, 18 Aug 2021 06:21 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 18 Aug 2021 06:21 AM IST
सार
अपर शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार संड ने बताया कि डॉ. मुकुट नाथ वर्मा ने पहले एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी।
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इंद्रकांत त्रिपाठी (मृतक कारोबारी) आईपीएस मणिलाल पाटीदार
- फोटो : amar ujala
विस्तार
महोबा के कबरई में फरार आईपीएस मणिलाल पाटीदार के अधिवक्ता डॉ. मुकुटनाथ वर्मा पर हाईकोर्ट ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। उनकी ओर से दाखिल याचिका पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी व न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने की।
अपर शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार संड ने बताया कि डॉ. मुकुट नाथ वर्मा ने पहले एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में दूसरी रिट याचिका दाखिल की, इसमें मांग उठाई कि राजधानी के हजरतगंज और कर्नलगंज थाने में उनके प्रार्थनापत्र पर एफआईआर दर्ज करते हुए सीबीआई से जांच कराई जाए साथ ही याची को समुचित सुरक्षा दी जाए।
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अपर शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार संड ने बताया कि डॉ. मुकुट नाथ वर्मा ने पहले एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में दूसरी रिट याचिका दाखिल की, इसमें मांग उठाई कि राजधानी के हजरतगंज और कर्नलगंज थाने में उनके प्रार्थनापत्र पर एफआईआर दर्ज करते हुए सीबीआई से जांच कराई जाए साथ ही याची को समुचित सुरक्षा दी जाए।
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आरोप लगाया था कि पुलिस अधिकारियों द्वारा अवैध रूप से हिरासत में रखे गए उनके मुवक्किल पाटीदार को उनके सामने पेश किया जाए ताकि वह अपनी फीस मांग सके। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उनसे पूछा कि उनकी याचिका 226 के अंतर्गत कैसे पोषणीय है।
अधिवक्ता मुकुटनाथ वर्मा द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर हाईकोर्ट ने पांच लाख का जुर्माना लगाते हुए दायर की गई याचिका भी खारिज कर दी। 30 दिन के अंदर ही जुर्माने की राशि जमा करने के आदेश भी दिए हैं। साथ ही दिल्ली बार काउंसिल को उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए आदेश दिया है।
वहीं इस बारे में अधिवक्ता डॉ. मुकुट नाथ वर्मा ने बताया एफआईआर रजिस्टर्ड कराने की मांग करना, सीबीआई जांच की मांग करना, सबका अधिकार है। आदेश की प्रति मिलने पर मैं सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा। अब यह लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।
अधिवक्ता मुकुटनाथ वर्मा द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर हाईकोर्ट ने पांच लाख का जुर्माना लगाते हुए दायर की गई याचिका भी खारिज कर दी। 30 दिन के अंदर ही जुर्माने की राशि जमा करने के आदेश भी दिए हैं। साथ ही दिल्ली बार काउंसिल को उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए आदेश दिया है।
वहीं इस बारे में अधिवक्ता डॉ. मुकुट नाथ वर्मा ने बताया एफआईआर रजिस्टर्ड कराने की मांग करना, सीबीआई जांच की मांग करना, सबका अधिकार है। आदेश की प्रति मिलने पर मैं सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा। अब यह लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।