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बुंदेली लोक संस्कृति की शानदार प्रस्तुति पर महोबा के कलाकार सम्मानित
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लखनऊ में लोकगीत की प्रस्तुति देते महोबा के कलाकार।
- फोटो : MAHOBA
महोबा। अनुरागिनी संस्था के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ के सभागार में आयोजित झांसी महोत्सव में महोबा के कलाकारों ने बुंदेली लोक संस्कृति की अनूठी छाप छोड़ी। आल्हा गायन व लोकगीत की शानदार प्रस्तुतियां पर उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष व राज्यमंत्री गोपाल अंजान ने महोबा के कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
झांसी महोत्सव के तृतीय सत्र की शुरुआत आल्हा गायन के साथ हुई। महोबा टीम के प्रमुख धर्म सिंह, अनुज सिंह, यशवंत सिंह, ओमप्रकाश, राजपाल सिंह व हीरा लाल साहू ने आल्हा गायन पेश किया। आल्हा गायकों ने चंदेल राजा और वीर आल्हा-ऊदल द्वारा लड़ी गई विभिन्न लड़ाई का शानदार वर्णन किया। झांसी की रानी, कीरत सागर तट पर भुजरियों की लड़ाई में दिल्ली नरेश पृथ्वीराज चौहान को आल्हा-ऊदल द्वारा धूल चटाने का वीर रस में बखान सुनकर दर्शक तालियां बजाने को मजबूर हो गए।
इस मौके पर राज्य महिला आयोग की सदस्या अंजू प्रजापति, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्या डॉ. शुचिता चतुर्वेदी, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी अरविंद कुमार जैन, डॉ. प्रवीण सिंह जादौन, अनुरागिनी संस्था के परियोजना समन्वयक रोहित सिंह राजावत ने बुंदेली संस्कृति की सराहना की।
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झांसी महोत्सव के तृतीय सत्र की शुरुआत आल्हा गायन के साथ हुई। महोबा टीम के प्रमुख धर्म सिंह, अनुज सिंह, यशवंत सिंह, ओमप्रकाश, राजपाल सिंह व हीरा लाल साहू ने आल्हा गायन पेश किया। आल्हा गायकों ने चंदेल राजा और वीर आल्हा-ऊदल द्वारा लड़ी गई विभिन्न लड़ाई का शानदार वर्णन किया। झांसी की रानी, कीरत सागर तट पर भुजरियों की लड़ाई में दिल्ली नरेश पृथ्वीराज चौहान को आल्हा-ऊदल द्वारा धूल चटाने का वीर रस में बखान सुनकर दर्शक तालियां बजाने को मजबूर हो गए।
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इस मौके पर राज्य महिला आयोग की सदस्या अंजू प्रजापति, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्या डॉ. शुचिता चतुर्वेदी, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी अरविंद कुमार जैन, डॉ. प्रवीण सिंह जादौन, अनुरागिनी संस्था के परियोजना समन्वयक रोहित सिंह राजावत ने बुंदेली संस्कृति की सराहना की।
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