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न ये हारे, न वो जीते, मुकदमा निपट गया
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लोक अदालत का निरीक्षण करते जिला जज।
- फोटो : MAHOBA
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महोबा। राष्ट्रीय लोक अदालत का शनिवार को जनपद न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने फीता काटकर शुभारंभ किया। लोक अदालत में 16 हजार 536 वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया गया। अर्थदंड के रूप में चार लाख 92 हजार 240 रुपये वसूले गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री लिटिगेशन के 3,208, लघु आपराधिक मामलों के 2,841, बैंक ऋण के 107, विद्युत अधिनियम के 41, वैवाहिक मामलों के 18, चकबंदी के 15, सिविल के 14, मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 13 मामले निपटे। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन के आठ, उत्तराधिकार अधिनियम के छह, उपभोक्ता प्रतितोष फोरम के चार, एनआई एक्ट के तीन व अन्य प्रकार के 10,258 वादों का निस्तारण किया गया। उपभोक्ता प्रतितोष फोरम ने 4.62 लाख रुपये की धनराशि दिलाई।
जिला जज ने लोक अदालत का भ्रमण कर अलग-अलग विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल देखे और वादकारियों से जानकारी ली।
लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय रूपेश रंजन, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण धनेंद्र प्रताप सिंह, एडीजे प्रथम राजीव कुमार पालीवाल, एडीजे द्वितीय संदीपा यादव, एडीजे संतोष कुमार यादव, मुख्य न्याययिक मजिस्ट्रेट अल्का चौधरी, सेवा प्राधिकरण के सचिव अंशुमन धुन्ना मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री लिटिगेशन के 3,208, लघु आपराधिक मामलों के 2,841, बैंक ऋण के 107, विद्युत अधिनियम के 41, वैवाहिक मामलों के 18, चकबंदी के 15, सिविल के 14, मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 13 मामले निपटे। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन के आठ, उत्तराधिकार अधिनियम के छह, उपभोक्ता प्रतितोष फोरम के चार, एनआई एक्ट के तीन व अन्य प्रकार के 10,258 वादों का निस्तारण किया गया। उपभोक्ता प्रतितोष फोरम ने 4.62 लाख रुपये की धनराशि दिलाई।
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जिला जज ने लोक अदालत का भ्रमण कर अलग-अलग विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल देखे और वादकारियों से जानकारी ली।
लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय रूपेश रंजन, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण धनेंद्र प्रताप सिंह, एडीजे प्रथम राजीव कुमार पालीवाल, एडीजे द्वितीय संदीपा यादव, एडीजे संतोष कुमार यादव, मुख्य न्याययिक मजिस्ट्रेट अल्का चौधरी, सेवा प्राधिकरण के सचिव अंशुमन धुन्ना मौजूद रहे।
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