लेखपालों ने कलक्ट्रेट में दिया धरना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा। छह सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में धरना देकर आवाज बुलंद की। लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। एलान किया कि 29 अगस्त तक मांगों का निस्तारण न होने पर 30 अगस्त को प्रदेश के सभी लेखपाल विधानसभा लखनऊ का घेराव करने को विवश होंगे। कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे लेखपाल संघ के जिला सचिव शिवभान ने बताया कि लेखपाल संवर्ग सरकार की विभिन्न नीतियों, योजनाओं व कार्यक्रमों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कई बार हुई वार्ता के बाद भी शासनादेश जारी नहीं किया जा रहा है।
मंगलवार से जिलेभर के लेखपाल कार्य बहिष्कार कर जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर किए जाने तथा लेखपाल संवर्ग का पदनाम उपनिरीक्षक एवं शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतनामन ग्रेड पे 2800 किए जाने की मांग की है। जिलाध्यक्ष प्रभुदत्त त्रिपाठी ने कहा कि मांगों को लेकर लेखपाल आंदोलन कर रहे है। उन्होंने लेखपाल संवर्ग का काडर पूर्ववत जनपद स्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति मेें संसोधन किए जाने, राजस्व निरीक्षक के 626 पदों का सृजन किए जाने, ई डिस्ट्रिक्ट, आईजीआरएस आदि शासन की विभिन्न योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए लेखपालों को लैपटाप उपलब्ध कराए जाने, एक अप्रैल 2005 से पूर्व चयनित लेखपालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ दिए जाने तथा इसके बाद लेखपालों की नई पेंशन योजना में सुधार किए जाने की मांग की है। धरना प्रदर्शन में मोहम्मद यूसुफ सहित एक दर्जन से अधिक लेखपाल शामिल रहे।