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Mahoba News: कागज कलम दवात ला.....गीत पर झूमे दर्शक
Fri, 08 Sep 2023 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Fri, 08 Sep 2023 12:45 AM IST
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-कजली मेले में गीत व नृत्य की प्रस्तुतियां देख देर रात तक झूमते रहे मेला प्रेमी
-स्टूडेंट म्यूजिकल इवेंट के कलाकारों ने एकल व सामूहिक गीतों से बांधा समा
फोटो 07 एमएएचपी 02 परिचय-कागज कलम दवात ला गीत पर नृत्य की प्रस्तुति देवी वंदना सिंह व दर्शकों की जुटी भीड़। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 03 परिचय-हंसता हुआ नूरानी चेहरा गीत की प्रस्तुति देतीं शिवानी व सविता। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 04 परिचय-आल्हा मंच पर गायक राजू पाटकर व अन्य कलाकारों को सम्मानित करते अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ।
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। कीरत सागर तट पर चल रहे नौ दिवसीय ऐतिहासिक कजली मेले में गीत, संगीत व नृत्य की प्रस्तुतियों की धूम मची है। बुधवार की रात आल्हा मंच पर स्टूडेंट म्यूजिकल इवेंट ग्रुप के कलाकारों ने एकल व सामूहिक गीतों से समा बांध दिया।
वंदना सिंह ने कागज कलम दवात ला, लिख दूं दिल तेरे नाम करुं गीत पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम देखने के लिए देर रात तक हजारों की संख्या में मेला प्रेमियों की भीड़ जुटी रही।
आल्हा मंच पर कजली मेले की सातवीं शाम की शुरूआत मंच के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। इसके बाद स्टूडेंट म्यूजिकल इवेंट ग्रुप एंड आर्केस्ट्रा पार्टी के राजू पाटकर ने फिल्मी गीतों पर अपनी आवाज का जादू बिखेरा। राजू पाटकर व शिवानी सोनी ने गीत आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर जुबां पर गीत की प्रस्तुति दी।
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रिक्की सिंह व सविता ने ओ देश मेरे, टिप-टिप बरसा पानी, दिल संभल जा जरा फिर मोहब्बत करने चला हूं मैं, कभी जो बादल बरसे जैसे गीतों पर शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को बांधे रखा। शिवानी व सविता ने हंसता हुआ नूरानी चेहरा, काली जुल्फे रंग सुनहरा गीत पर सामूहिक गीत की प्रस्तुति दी।
इसके बाद जैसे ही वंदना सिंह मंच पर पहुंची तो पूरा ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने कयामत-कयामत, ये दुनिया हमें कुछ नहीं देने वाली, मां शेरावालिये तेरा शेर आ गया, नहीं ये हो नहीं सकता की तेरी याद न आए जैसे गीतों पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी तो दर्शक अपनी जगह पर खड़े होकर झूमने को मजबूर हो गए। देर रात तक चले कार्यक्रम में आल्हा मंच के अध्यक्ष ने सभी कलाकारों को शॉल व स्मृति चिंह भेज कर सम्मानित किया।
इंसेट
बधाई व झूलागीतों से दर्शकों का मोहा मन
फोटो 07 एमएएचपी 05 परिचय-सांस्कृतिक मंच पर बधाई गीत पेश करते जगप्रसाद तिवारी व कलाकार। संवाद
महोबा। कजली मेले में सांस्कृतिक मंच पर चल रहे कार्यक्रमों की शुरुआत बुधवार की रात आल्हा गायन से हुई। गायक द्वारका प्रसाद ने वीर रस में आल्हा-ऊदल की विभिन्न लड़ाइयों का वर्णन किया। इसके बाद राजाराम कुशवाहा एंड पार्टी ने बुंदेली कछियाई गीतों की प्रस्तुति दी। संगीतार्चाय जगप्रसाद तिवारी एंड पार्टी ने लोकगीत पेश किए। झूलागीत आज कदमवां की छइयां, चलो झूलन सइयां सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। उन्होंने कृष्ण जन्म के उपलक्ष्य में बधाईगीत जन्म लियो हैं कन्हैया नंद घर बाजे बधइया पेश किया। इस दौरान एसडीएम जितेंद्र सिंह ने जगप्रसाद तिवारी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके बाद कॉमेडी नाईट व कवि सम्मेलन का आयोजन देर रात तक चलता रहा। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष डॉ. संतोष चौरसिया, रामजी गुप्ता, ओम नारायण तिवारी के अलावा सैकड़ों की संख्या में दर्शक मौजूद रहे। (संवाद)
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-स्टूडेंट म्यूजिकल इवेंट के कलाकारों ने एकल व सामूहिक गीतों से बांधा समा
फोटो 07 एमएएचपी 02 परिचय-कागज कलम दवात ला गीत पर नृत्य की प्रस्तुति देवी वंदना सिंह व दर्शकों की जुटी भीड़। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 03 परिचय-हंसता हुआ नूरानी चेहरा गीत की प्रस्तुति देतीं शिवानी व सविता। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 04 परिचय-आल्हा मंच पर गायक राजू पाटकर व अन्य कलाकारों को सम्मानित करते अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ।
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। कीरत सागर तट पर चल रहे नौ दिवसीय ऐतिहासिक कजली मेले में गीत, संगीत व नृत्य की प्रस्तुतियों की धूम मची है। बुधवार की रात आल्हा मंच पर स्टूडेंट म्यूजिकल इवेंट ग्रुप के कलाकारों ने एकल व सामूहिक गीतों से समा बांध दिया।
वंदना सिंह ने कागज कलम दवात ला, लिख दूं दिल तेरे नाम करुं गीत पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम देखने के लिए देर रात तक हजारों की संख्या में मेला प्रेमियों की भीड़ जुटी रही।
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आल्हा मंच पर कजली मेले की सातवीं शाम की शुरूआत मंच के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। इसके बाद स्टूडेंट म्यूजिकल इवेंट ग्रुप एंड आर्केस्ट्रा पार्टी के राजू पाटकर ने फिल्मी गीतों पर अपनी आवाज का जादू बिखेरा। राजू पाटकर व शिवानी सोनी ने गीत आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर जुबां पर गीत की प्रस्तुति दी।
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रिक्की सिंह व सविता ने ओ देश मेरे, टिप-टिप बरसा पानी, दिल संभल जा जरा फिर मोहब्बत करने चला हूं मैं, कभी जो बादल बरसे जैसे गीतों पर शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को बांधे रखा। शिवानी व सविता ने हंसता हुआ नूरानी चेहरा, काली जुल्फे रंग सुनहरा गीत पर सामूहिक गीत की प्रस्तुति दी।
इसके बाद जैसे ही वंदना सिंह मंच पर पहुंची तो पूरा ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने कयामत-कयामत, ये दुनिया हमें कुछ नहीं देने वाली, मां शेरावालिये तेरा शेर आ गया, नहीं ये हो नहीं सकता की तेरी याद न आए जैसे गीतों पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी तो दर्शक अपनी जगह पर खड़े होकर झूमने को मजबूर हो गए। देर रात तक चले कार्यक्रम में आल्हा मंच के अध्यक्ष ने सभी कलाकारों को शॉल व स्मृति चिंह भेज कर सम्मानित किया।
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बधाई व झूलागीतों से दर्शकों का मोहा मन
फोटो 07 एमएएचपी 05 परिचय-सांस्कृतिक मंच पर बधाई गीत पेश करते जगप्रसाद तिवारी व कलाकार। संवाद
महोबा। कजली मेले में सांस्कृतिक मंच पर चल रहे कार्यक्रमों की शुरुआत बुधवार की रात आल्हा गायन से हुई। गायक द्वारका प्रसाद ने वीर रस में आल्हा-ऊदल की विभिन्न लड़ाइयों का वर्णन किया। इसके बाद राजाराम कुशवाहा एंड पार्टी ने बुंदेली कछियाई गीतों की प्रस्तुति दी। संगीतार्चाय जगप्रसाद तिवारी एंड पार्टी ने लोकगीत पेश किए। झूलागीत आज कदमवां की छइयां, चलो झूलन सइयां सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। उन्होंने कृष्ण जन्म के उपलक्ष्य में बधाईगीत जन्म लियो हैं कन्हैया नंद घर बाजे बधइया पेश किया। इस दौरान एसडीएम जितेंद्र सिंह ने जगप्रसाद तिवारी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके बाद कॉमेडी नाईट व कवि सम्मेलन का आयोजन देर रात तक चलता रहा। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष डॉ. संतोष चौरसिया, रामजी गुप्ता, ओम नारायण तिवारी के अलावा सैकड़ों की संख्या में दर्शक मौजूद रहे। (संवाद)