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जूनियर स्कूलों का विकल्प न होने से टीचर नाराज
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Fri, 21 Oct 2016 10:47 PM IST
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काउंसलिंग के लिए सूची देखती टीचर
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के परिषदीय विद्यालयों के सहायक अध्यापकों की पदोन्नति किए जाने के लिए शुक्रवार को महिला टीचरों की काउंसलिंग कराई गई। इसमें जूनियर स्कूलों में विकल्प न दिए जाने टीचरों में आक्रोश दिखई दिया। प्राथमिक विद्यालयों में चार साल की सेवा पूर्ण करने वाले अध्यापकों की पदोन्नति सूची जारी
कर टीचरों को शुक्रवार को बीआरसी कबरई में बुलाया। जहां पर महिला टीचरों से विकल्प भराए गए। विकल्प भरने के दौरान टीचरों को जूनियर स्कूलों में कोई जगह नहीं दी गई। जिससे उन्हें मजबूरी में प्राइमरी के प्रधानाध्यापक पद पर विकल्प भरना पड़ा। सुबह से ही परिषदीय विद्यालयों के टीचरों ने
पहुंचकर बीएसए कार्यालय में चस्पा सूची में विद्यालयों के नाम देखकर विकल्प भरे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निर्देश पर शुरू कराई गई काउंसलिंग के दौरान सबसे पहले विकलांग महिलाओं से विकल्प भराए गए। इसके बाद सीनियर के हिसाब से महिला टीचरों ने विकल्प भरे। जिले के 87 विद्यालयों में
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प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त होने के कारण 85 टीचरों को स्कूल दिए गए। सबसे पहले महिलाओं को स्कूल देने के बाद पुरुषों को भी स्कूल दिए गए। पदोन्नति पाकर टीचर खुश नजर आए।
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कर टीचरों को शुक्रवार को बीआरसी कबरई में बुलाया। जहां पर महिला टीचरों से विकल्प भराए गए। विकल्प भरने के दौरान टीचरों को जूनियर स्कूलों में कोई जगह नहीं दी गई। जिससे उन्हें मजबूरी में प्राइमरी के प्रधानाध्यापक पद पर विकल्प भरना पड़ा। सुबह से ही परिषदीय विद्यालयों के टीचरों ने
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पहुंचकर बीएसए कार्यालय में चस्पा सूची में विद्यालयों के नाम देखकर विकल्प भरे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निर्देश पर शुरू कराई गई काउंसलिंग के दौरान सबसे पहले विकलांग महिलाओं से विकल्प भराए गए। इसके बाद सीनियर के हिसाब से महिला टीचरों ने विकल्प भरे। जिले के 87 विद्यालयों में
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प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त होने के कारण 85 टीचरों को स्कूल दिए गए। सबसे पहले महिलाओं को स्कूल देने के बाद पुरुषों को भी स्कूल दिए गए। पदोन्नति पाकर टीचर खुश नजर आए।