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निरीक्षण में 12 केंद्र बंद मिले, सभी का वेतन रोका
Sat, 16 Mar 2019 10:46 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
mahoba
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Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 16 Mar 2019 10:46 PM IST
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महोबा। जिला कार्यक्रम अधिकारी सीएल साहू ने टीम के साथ विकासखंड कबरई के डेढ़ दर्जन से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान एक दर्जन आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाए गए। जबकि एक खुले पाए गए आंगनबाड़ी केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चारपाई में सोती पाई गई। सभी अनुपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन रोक दिया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सीएल साहू, सीडीपीओ कमलेश शर्मा, सुपरवाईजर सावित्री गौतम ने शनिवार को ग्राम पंचायत सुरहा के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। जहां पर एक केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चारपाई में सोती पाई गई। जबकि चार केंद्र बंद पाए गए। डीपीओ ने सभी अनुपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का स्पष्टीकरण मांगते हुए वेतन रोक दिया।
टीम ने इसके बाद ग्राम पंचायत ग्योढ़ी के पलवार, यादव का डेरा सहित 12 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। परसाहा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमलेश विश्वकर्मा और सहायिका एक साल से केंद्र नहीं जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि यह केेंद्र एक साल से बंद है। महेबा और सिचौरा केंद्र ठीक पाए गए। जबकि शेष केंद्रों के बंद पाए जाने पर उनका जवाब तलब कर वेतन रोक दिया गया। डीपीओ के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सीएल साहू, सीडीपीओ कमलेश शर्मा, सुपरवाईजर सावित्री गौतम ने शनिवार को ग्राम पंचायत सुरहा के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। जहां पर एक केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चारपाई में सोती पाई गई। जबकि चार केंद्र बंद पाए गए। डीपीओ ने सभी अनुपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का स्पष्टीकरण मांगते हुए वेतन रोक दिया।
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टीम ने इसके बाद ग्राम पंचायत ग्योढ़ी के पलवार, यादव का डेरा सहित 12 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। परसाहा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमलेश विश्वकर्मा और सहायिका एक साल से केंद्र नहीं जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि यह केेंद्र एक साल से बंद है। महेबा और सिचौरा केंद्र ठीक पाए गए। जबकि शेष केंद्रों के बंद पाए जाने पर उनका जवाब तलब कर वेतन रोक दिया गया। डीपीओ के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया।
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