{"_id":"691778203ba3d14e270e3ed4","slug":"if-you-are-not-connected-to-the-vts-system-you-will-not-be-able-to-transport-gravel-and-stones-mahoba-news-c-225-1-mah1002-119766-2025-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: वीटीएस प्रणाली से नहीं जुड़े तो नहीं ले जा सकेंगे गिट्टी-पत्थर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: वीटीएस प्रणाली से नहीं जुड़े तो नहीं ले जा सकेंगे गिट्टी-पत्थर
Sat, 15 Nov 2025 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 15 Nov 2025 12:12 AM IST
विज्ञापन
महोबा। जनपद फतेहपुर में एआरटीओ और खनिज विभाग की मिलीभगत से खनिज का अवैध परिवहन होने के मामले का भंडाफोड़ होने के बाद अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू किए हैं। खनिज परिवहन में लगे ट्रक, डंपर आदि वाहनों को वीटीएस ट्रैकिंग प्रणाली से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना अब रॉयल्टी जनरेट नहीं होगी। इस प्रणाली में वाहनों के पंजीकृत करने की शनिवार को अंतिम तिथि तय की गई है।
कस्बा कबरई की पत्थरमंडी में पहाड़ों से क्रशर तक और क्रशर से अन्य स्थानों तक पत्थर, गिट्टी का परिवहन किया जाता है। इसके लिए जरूरी ई-ट्रांजिट पास बनाने के लिए फर्जी रॉयल्टी बनाए जाने का मामला कुछ दिन पहले ही उजागर हो चुका है। इसी बीच प्रदेश के फतेहपुर जिले में एआरटीओ और खनिज विभाग की मिलीभगत से ट्रकों को बिना रॉयल्टी के पास कराने का खेल पकड़ा गया। इस तरह से सरकार को करोड़ाें रुपये का राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय ने आदेश दिए हैं कि खनिज के परिवहन में उपयोग होने वाले सभी ट्रकों व डंपरों का पंजीयन तत्काल ही व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम (वीटीएस) प्रणाली के तहत कराएं। इसके पंजीयन के बिना वाहनों से खनिज परिवहन पर रोक लगाई जाएगी। डीएम गजल भारद्वाज ने पत्र जारी करके बताया कि उपखनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों का पंजीयन खनिज विभाग के पोर्टल पर कराने और एआईएस 140 जीपीएस डिवाइस विभागीय पोर्टल से इंटीग्रेट कराते हुए वीटीएस प्रणाली से जोड़ना आवश्यक है। जो वाहन इस प्रणाली से नहीं जुड़ेंगे, उन वाहनों के आरटीओ रजिस्ट्रेशन नंबर पर खनिज परिवहन के लिए आवश्यक ईएमएम-11 (रॉयल्टी) जनरेट नहीं होगी। शासन ने इसके लिए 15 नवंबर अंतिम तिथि निर्धारित की है।
जीपीएस आधारित प्रणाली में अब तक 600 वाहन पंजीकृत
महोबा। जिला खनिज अधिकारी आरबी सिंह ने बताया कि जीपीएस आधारित इस तकनीक में वाहन पंजीकृत होने के बाद वीटीएस पोर्टल और मोबाइल एप से वाहनों की रियल टाइम लोकेशन, रूट बदलने पर अलर्ट, महीने में वाहन के चलने रूट आदि से संबंधित जानकारी मिल सकेगी। इसके तहत वाहनों के पंजीयन के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया गया था लेकिन बाद में इसे बढ़ाते हुए 15 अक्तूबर और अब 15 नवंबर कर दिया गया है। इस रजिस्ट्रेशन के बाद खनिज माफियाओं की मनमानी पर अंकुश लगने की उम्मीद है, इसलिए वाहनों का इसमें रजिस्ट्रेशन कराने में ट्रांसपोर्टर ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिले में लगभग छह हजार ट्रक प्रतिदिन गिट्टी, पत्थर आदि लेने के लिए आते हैं लेकिन दो माह से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी केवल 600 ट्रकों का ही पंजीयन कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कस्बा कबरई की पत्थरमंडी में पहाड़ों से क्रशर तक और क्रशर से अन्य स्थानों तक पत्थर, गिट्टी का परिवहन किया जाता है। इसके लिए जरूरी ई-ट्रांजिट पास बनाने के लिए फर्जी रॉयल्टी बनाए जाने का मामला कुछ दिन पहले ही उजागर हो चुका है। इसी बीच प्रदेश के फतेहपुर जिले में एआरटीओ और खनिज विभाग की मिलीभगत से ट्रकों को बिना रॉयल्टी के पास कराने का खेल पकड़ा गया। इस तरह से सरकार को करोड़ाें रुपये का राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय ने आदेश दिए हैं कि खनिज के परिवहन में उपयोग होने वाले सभी ट्रकों व डंपरों का पंजीयन तत्काल ही व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम (वीटीएस) प्रणाली के तहत कराएं। इसके पंजीयन के बिना वाहनों से खनिज परिवहन पर रोक लगाई जाएगी। डीएम गजल भारद्वाज ने पत्र जारी करके बताया कि उपखनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों का पंजीयन खनिज विभाग के पोर्टल पर कराने और एआईएस 140 जीपीएस डिवाइस विभागीय पोर्टल से इंटीग्रेट कराते हुए वीटीएस प्रणाली से जोड़ना आवश्यक है। जो वाहन इस प्रणाली से नहीं जुड़ेंगे, उन वाहनों के आरटीओ रजिस्ट्रेशन नंबर पर खनिज परिवहन के लिए आवश्यक ईएमएम-11 (रॉयल्टी) जनरेट नहीं होगी। शासन ने इसके लिए 15 नवंबर अंतिम तिथि निर्धारित की है।
विज्ञापन
जीपीएस आधारित प्रणाली में अब तक 600 वाहन पंजीकृत
महोबा। जिला खनिज अधिकारी आरबी सिंह ने बताया कि जीपीएस आधारित इस तकनीक में वाहन पंजीकृत होने के बाद वीटीएस पोर्टल और मोबाइल एप से वाहनों की रियल टाइम लोकेशन, रूट बदलने पर अलर्ट, महीने में वाहन के चलने रूट आदि से संबंधित जानकारी मिल सकेगी। इसके तहत वाहनों के पंजीयन के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया गया था लेकिन बाद में इसे बढ़ाते हुए 15 अक्तूबर और अब 15 नवंबर कर दिया गया है। इस रजिस्ट्रेशन के बाद खनिज माफियाओं की मनमानी पर अंकुश लगने की उम्मीद है, इसलिए वाहनों का इसमें रजिस्ट्रेशन कराने में ट्रांसपोर्टर ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिले में लगभग छह हजार ट्रक प्रतिदिन गिट्टी, पत्थर आदि लेने के लिए आते हैं लेकिन दो माह से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी केवल 600 ट्रकों का ही पंजीयन कराया गया है।
विज्ञापन