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अस्पताल की लापरवाही से नवजात की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Mon, 05 Sep 2016 10:46 PM IST
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नवजात की मौत
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प्रसव पीड़ा कराहती महिला के उप स्वास्थ्य केंद्र महोबकंठ पहुंचने पर नर्स ने एक माह का समय होने की बात कहकर वापस कर दिया, लेकिन घर पहुंची महिला ने तुरंत ही नवजात शिशु को जन्म दे दिया। परिजन दोबारा जच्चा-बच्चा को लेकर अस्पताल पहुंचे तो परिजनों को मामूली दवा देकर जच्चा-बच्चा को फिर घर भेज दिया गया। इस दौरान नवजात शिशु की रास्ते
में ही मौत हो गई। परिजनों ने नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा और मामले की शिकायत सीएमओ से की। थाना महोबकंठ के ग्राम रूरीकला निवासी भूपेंद्र अपनी बहू पूजा पत्नी कीरत सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को महोबकंठ के उप स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां तैनात नर्स ने प्रसव में एक माह का समय होने की बात कही और महिला
का घर ले जाने की सलाह दी। घर पहुंची महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। तब आनन फानन में परिजन तत्काल जच्चा बच्चा को दोबारा अस्पताल लेकर आए लेकिन केंद्र में तैनात नर्स ने जच्चा बच्चा को भर्ती करने की बजाए दवाएं देकर घर भेज दिया। परिजन उप स्वास्थ्य केंद्र से बच्चे को घर ले जा रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साएं परिजनों ने
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उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंच हो हल्ला मचाते हुए हंगामा काटा और नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एसके वार्ष्णेय का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। दोषी मिलने पर नर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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में ही मौत हो गई। परिजनों ने नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा और मामले की शिकायत सीएमओ से की। थाना महोबकंठ के ग्राम रूरीकला निवासी भूपेंद्र अपनी बहू पूजा पत्नी कीरत सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को महोबकंठ के उप स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां तैनात नर्स ने प्रसव में एक माह का समय होने की बात कही और महिला
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का घर ले जाने की सलाह दी। घर पहुंची महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। तब आनन फानन में परिजन तत्काल जच्चा बच्चा को दोबारा अस्पताल लेकर आए लेकिन केंद्र में तैनात नर्स ने जच्चा बच्चा को भर्ती करने की बजाए दवाएं देकर घर भेज दिया। परिजन उप स्वास्थ्य केंद्र से बच्चे को घर ले जा रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साएं परिजनों ने
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उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंच हो हल्ला मचाते हुए हंगामा काटा और नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एसके वार्ष्णेय का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। दोषी मिलने पर नर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।