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गीत-संगीत में डूबे डॉक्टर, भटकते रहे मजदूर
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11.28 बजे प्रसूता अपनी सास के साथ महिला डाक्टर को खोजते हुए।
- फोटो : MAHOBA
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कबरई (महोबा)। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य मेले डॉक्टर गीत-संगीत का मजा लेते रहे और दूर-दराज से आए मरीज भटकते रहे। यही नहीं जो मरीज देखे गए, उन्हें बाहर से दवा लेने के पर्चे लिख दिए गए। स्वास्थ्य विभाग ने मेले में 886 मरीजों का पंजीकरण कर इलाज का दावा किया है।
मेले का शुभारंभ सीएमओ की मौजूदगी में एक घंटे देरी से 11.05 मिनट पर चेयरमैन मूलचन्द कुशवाहा व पूर्व चेयरमैन शिवपाल तिवारी ने फीता काटकर किया। मेले में सीएमओ समेत चिकित्सक गीत-संगीत का मजा लेते रहे। दूर दराज से इलाज कराने कड़ी धूप में आए मरीज कराहते रहे। मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए पर्चा लिख दिए गए। मेले में स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही के चलते मरीज बेहाल रहे। कई असाध्य मरीज घंटों धूप में तड़पते देखे गए। पुरुष चिकित्साधिकारियों के स्टाल में सीएचओ व महिला डॉक्टरों के स्टाल में एएनएम मरीजों का इलाज करती नजर आईं।
छानी कला गांव निवासी जयनारायण बुधौलिया पेट में दर्द व दस्त होने पर स्वास्थ्य मेले में इलाज के लिए आया। डॉक्टर ने उसे बाहर से दवाएं लाने के लिए पर्ची थमा दी। उसका कहना था कि जब बाहर से ही दवा खरीदनी है तो मेले में आने का क्या फायदा। बघारी निवासी आठ माह की प्रसूता आरती अपनी सास फुलारानी के साथ स्वास्थ्य मेले में पहुंची लेकिन उन्हे मेले में कोई भी महिला चिकित्सक नहीं मिल सकी।
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मेले में आए सभी मरीजों का इलाज किया गया है। मेले में स्वास्थ्य जागरूकता के लिए संगीत कार्यक्रम था। मेले में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं रही है।
-डॉ. गौरव पटेल, चिकित्सा अधीक्षक, कबरई सीएचसी
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मेले का शुभारंभ सीएमओ की मौजूदगी में एक घंटे देरी से 11.05 मिनट पर चेयरमैन मूलचन्द कुशवाहा व पूर्व चेयरमैन शिवपाल तिवारी ने फीता काटकर किया। मेले में सीएमओ समेत चिकित्सक गीत-संगीत का मजा लेते रहे। दूर दराज से इलाज कराने कड़ी धूप में आए मरीज कराहते रहे। मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए पर्चा लिख दिए गए। मेले में स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही के चलते मरीज बेहाल रहे। कई असाध्य मरीज घंटों धूप में तड़पते देखे गए। पुरुष चिकित्साधिकारियों के स्टाल में सीएचओ व महिला डॉक्टरों के स्टाल में एएनएम मरीजों का इलाज करती नजर आईं।
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छानी कला गांव निवासी जयनारायण बुधौलिया पेट में दर्द व दस्त होने पर स्वास्थ्य मेले में इलाज के लिए आया। डॉक्टर ने उसे बाहर से दवाएं लाने के लिए पर्ची थमा दी। उसका कहना था कि जब बाहर से ही दवा खरीदनी है तो मेले में आने का क्या फायदा। बघारी निवासी आठ माह की प्रसूता आरती अपनी सास फुलारानी के साथ स्वास्थ्य मेले में पहुंची लेकिन उन्हे मेले में कोई भी महिला चिकित्सक नहीं मिल सकी।
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मेले में आए सभी मरीजों का इलाज किया गया है। मेले में स्वास्थ्य जागरूकता के लिए संगीत कार्यक्रम था। मेले में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं रही है।
-डॉ. गौरव पटेल, चिकित्सा अधीक्षक, कबरई सीएचसी