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40 सेकेंड तक धोएं हाथ, बीमारियों को दें मात
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महोबा। मां बच्चे को छूने व स्तनपान कराने से पहले, खाना बनाने व खाने से पहले, खांसने-छींकने के तुरंत बाद, बीमार व्यक्तियों की देखभाल के बाद और शौच के बाद हाथों को साबुन से 40 सेकेंड तक धोना चाहिए।
यह बात जिला अस्पताल के सीएमएस व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी मिश्रा ने विश्व हाथ धुलाई दिवस की पूर्व संध्या पर कही। उन्होंने बताया कि हाथों को स्वच्छ रखकर कोरोना ही नहीं बल्कि कई अन्य संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है। इस बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए ही हर साल 15 अक्तूबर को विश्व हाथ धुलाई दिवस (ग्लोबल हैंड वाशिंग डे) मनाया जाता है।
डॉ. आरपी मिश्रा का कहना है कि एक रिपोर्ट के मुताबिक शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की होने वाली मौत में लगभग 17 प्रतिशत निमोनिया और 13 प्रतिशत डायरिया की चपेट में आने से होती हैं। अगर हाथों की स्वच्छता का पूरा ख्याल रखा जाए तो इस आंकड़े में निश्चित रूप से कमी लाते हुए बच्चों के जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचने के लिए बाहर से आने पर हाथ व पैर अच्छी तरह धोने के बाद ही घर के अंदर प्रवेश करें।
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वहीं, जिला सलाहकार क्वालिटी एश्योरेंस डॉ. दिवाकर प्रताप सिंह बताते हैं कि साबुन-पानी से हाथों की सही तरीके से सफाई के छह प्रमुख चरण बताए गए हैं, जिसे सुमन-के विधि से समझा जा सकता है। एस का मतलब है पहले सीधा हाथ साबुन-पानी से धुलें, यू- फिर उलटा हाथ धुलें, एम-फिर मुठ्ठी को रगड़-रगड़कर धुलें, ए- अंगूठे को धुलें, एन-नाखूनों को धुलें और के- कलाई को अच्छी तरह से धुलें। इस विधि से हाथों की सफाई की आदत बच्चों में बचपन से ही डालनी चाहिए।
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यह बात जिला अस्पताल के सीएमएस व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी मिश्रा ने विश्व हाथ धुलाई दिवस की पूर्व संध्या पर कही। उन्होंने बताया कि हाथों को स्वच्छ रखकर कोरोना ही नहीं बल्कि कई अन्य संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है। इस बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए ही हर साल 15 अक्तूबर को विश्व हाथ धुलाई दिवस (ग्लोबल हैंड वाशिंग डे) मनाया जाता है।
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डॉ. आरपी मिश्रा का कहना है कि एक रिपोर्ट के मुताबिक शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की होने वाली मौत में लगभग 17 प्रतिशत निमोनिया और 13 प्रतिशत डायरिया की चपेट में आने से होती हैं। अगर हाथों की स्वच्छता का पूरा ख्याल रखा जाए तो इस आंकड़े में निश्चित रूप से कमी लाते हुए बच्चों के जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचने के लिए बाहर से आने पर हाथ व पैर अच्छी तरह धोने के बाद ही घर के अंदर प्रवेश करें।
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वहीं, जिला सलाहकार क्वालिटी एश्योरेंस डॉ. दिवाकर प्रताप सिंह बताते हैं कि साबुन-पानी से हाथों की सही तरीके से सफाई के छह प्रमुख चरण बताए गए हैं, जिसे सुमन-के विधि से समझा जा सकता है। एस का मतलब है पहले सीधा हाथ साबुन-पानी से धुलें, यू- फिर उलटा हाथ धुलें, एम-फिर मुठ्ठी को रगड़-रगड़कर धुलें, ए- अंगूठे को धुलें, एन-नाखूनों को धुलें और के- कलाई को अच्छी तरह से धुलें। इस विधि से हाथों की सफाई की आदत बच्चों में बचपन से ही डालनी चाहिए।