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Mahoba News: 12 करोड़ से शुरू हुआ गोरखगिरि का काम, पर्यटन को लगेंगे पंख

Wed, 20 Dec 2023 11:26 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 20 Dec 2023 11:26 PM IST
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Gorakhgiri work started with Rs 12 crores, tourism will get wings
संवाद न्यूज एजेंसी
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महोबा। गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली ऐतिहासिक गोरखगिरि को पर्यटन के रूप में विकसित किए जाने का काम शुरू हो गया है। तलैया का सौंदर्यीकरण और ध्यानकेंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। यहां कांच का पुल व रोपवे का काम भी प्रस्तावित है। यहां प्रतिदिन 100 से अधिक लोग पहुंचते हैं। पर्यटन विकास होने से यहां पर्यटक खिंचे चले आएंगे। जिससे यहां के लोगों के रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।
दो साल पहले 10 अगस्त 2021 को जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री उज्जवला योजना 2.0 के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने महोबा आये तो उन्होंने हेलीकॉप्टर से नीचे उतरते ही तत्कालीन जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार से पूछा कि ये पहाड़ बहुत सुंदर है, ऊपर से नजारा बहुत अच्छा लग रहा था। ये कौन सी जगह है। तब डीएम ने मुख्यमंत्री को बताया कि यही गोरखगिरि पर्वत है। जो गुरू गोरखनाथ की तपोभूमि है।
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जहां वह 11-12वीं शताब्दी में रहते थे। इस पहाड़ के ऊपर सिद्धबाबा का स्थान है, जहां त्रेता युग में अपने चित्रकूट प्रवास के दौरान भगवान राम, माता सीता व लक्ष्मण के साथ आते थे। इतना सुनते ही मुख्यमंत्री ने तुरंत गोरखगिरि पर्वत को एक आदर्श पर्यटन तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए एक वृहत कार्य योजना बनाने का डीएम को निर्देश दिया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने ऊपर सिद्ध बाबा मंदिर तक जाने के लिए रोपवे, परिक्रमा मार्ग के सौन्दर्यीकरण के लिए भी कहा।
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सबसे पहले मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तरह गोरखगिरि पर्वत के लिए 50 लाख की धनराशि मिली। फिर वृहद कार्य योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए 12 करोड़ की धनराशि जारी की गई। जिसके तहत गोरखगिरि में विभिन्न काम हो रहे हैं। पर्वत के ऊपर स्थित सिद्धबाबा मंदिर तक जाने के लिए पांच फुट चौड़ा एक किलोमीटर लंबा रास्ता और सीढ़ियां बन रही हैं। अभी तक सिद्धबाबा जाने के लिए ऊबड़-खाबड़ रास्ते से जाना पड़ता था। पूरे रास्ते में अच्छी लाइटिंग व्यवस्था हो गई है ताकि रात में भी भक्त ऊपर आसानी से जा सकें।
सिद्धबाबा में भी गोरखपुर की तर्ज पर भव्य मंदिर बन रहा है। मंदिर के सामने ध्यान केंद्र व ओपन एयर थियेटर बन रहा है। नाथ संप्रदाय के प्रणेता गुरू गोरखनाथ की ध्यान मुद्रा में 51 फिट ऊंची कांसे की मूर्ति बनना है। सिद्ध सरोवर का सौन्दर्यीकरण चल रहा है। इसके अलावा 30 मीटर का कांच का पुल (ग्लास ब्रिज) बनना है जिसके लिए लखनऊ से आकर विशेषज्ञों की टीम परीक्षण के लिए मिट्टी ले गई है।

इंसेट
प्रवेश द्वार पर बन रहा मंदिर
पर्वत के प्रवेश द्वार पर स्थित शिवतांडव महादेव की विशाल मूर्ति पर मंदिर बनाया जा रहा है। ग्रेनाइट की चट्टान पर 10वीं शताब्दी में चंदेल राजा धंग ने इस 15 फिट ऊंची मूर्ति का निर्माण करवाया था। शिव जी की तांडव नृत्य करते हुए यह उत्तर भारत की सबसे बड़ी मूर्ति है। उसके पास ही टूरिस्ट फैसिलीटेशन सेंटर बन रहा है।
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