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गोबर से तैयार खाद फसल के लिए फायदेमंद बनी

Sat, 20 Feb 2021 10:17 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Feb 2021 10:17 PM IST
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gober se tayaar khaad faidemand
गोशाला में खाद तैयार करते किसान - फोटो : MAHOBA
बेलाताल (महोबा)। देसी गोबर से तैयार की जा रही खाद फसल के उत्पादन के लिए फायदेमंद बन गई है। जिले के बेलाताल क्षेत्र में जीरो बजट विधि से बनाई जा रही घनजीवामृत नाम की यह खाद किसानों के लिए मुनाफे का सौदा है। यही वजह है कि अब ग्राम पंचायत अधिकारी के मार्ग दर्शन में किसान इस विधि से खाद तैयार की मुहिम में आगे आ रहे हैं।
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ग्राम पंचायत अधिकारी आलोक द्विवेदी की अनूठी पहल से ग्रामीणों में गोबर की खाद बनाने के प्रति रुझान बढ़ रहा है। स्थानीय प्रशिक्षक देवेंद्र अरजरिया ने प्रशिक्षण लेकर गोशाला में देसी गोबर की खाद तैयार कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जीरो बजट विधि से खाद तैयार करने में प्रसिद्ध सुभाष पालेकर से प्रशिक्षण प्राप्त कर यहां के लोगों को भी लाभान्वित किया जा रहा है। बताया कि जीरो बजट विधि के अनुसार किसान अपने संसाधनों से इसे तैयार कर सकता है।
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ऐसे बनती है खाद
इसी विधि से गोशाला में गोबर चार से पांच क्विंटल निकालकर खाद बनाई जा रही है। घनजीवामृत खाद बनाने में ताजा गोबर, गोमूत्र, नीम की पत्ती, बेसन, गुड़ आदि का उपयोग किया जाता है। एक बीघा खेत के लिए एक क्विंटल खाद पर्याप्त है। ग्राम पंचायत अधिकारी आलोक द्विवेदी ने बताया जैतपुर गोशाला में छह क्विंटल देसी खाद तैयार की जा चुकी है।
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