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एडीएम ने निजी क्षेत्र के चार अभियंताओं को डूडा से हटाया
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महोबा। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत गरीबों को आवास का पैसा दिलाने के नाम पर वसूली की तमाम शिकायतों पर अपर जिलाधिकारी पूनम निगम ने सर्वे एजेंसी के चार अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इस कार्रवाई से सुविधा शुल्क वसूलने वालों में खलबली मची है।
एडीएम ने बताया कि कबरई में निजी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास की जांच पड़ताल करने वाली सर्वे कंपनी आरपीएल लखनऊ के कबरई में तैनात अरविंद, चरखारी के शमशाद, कुलपहाड़ के चंदन व महोबा के प्रमोद के खिलाफ आवास सर्वे, रिपोर्ट देने में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थी। जिसकी जांच के बाद तत्काल प्रभाव से निजी क्षेत्र के चारों अभियंताओं को हटा दिया है। साथ ही सर्वे से जुड़ी निजी क्षेत्र की आरपीएल कंपनी के नए अभियंताओं को लगाया गया है। निष्पक्ष जांच सर्वे आदि के लिए डूडा से चरखारी में 3, महोबा में 4, कुलपहाड़ व कबरई में दो दो और खरेला में एक अभियंता सहित कुल 15 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सभी को फोटो युक्त आईकार्ड जारी किए गए हैं ताकि कोई लाभार्थी भ्रमित न हो। शिकायत आती है तो जांच में सही पाए जाने पर संबंधित को जेल भेजा जाएगा।
जिले में 1483 नए लाभार्थियों का हुआ चयन
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि 1483 नए लाभार्थियों का चयन जिले में किया गया है। जो जून तक की अंतिम सूची है। इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। पैसा आते ही आवासों का काम शुरू हो जाएगा। बताया कि संबंधित नगर क्षेत्रों में लाभार्थी चयन की पूरी जिम्मेदारी ईओ की है। वही पात्र लोगों का चयन कर डूडा को सूची भेजते हैं। डूडा कोई चयन का काम नहीं करता बल्कि वो मॉनिटरिंग एजेंसी है।
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वसूली की सूचना पर हो रही गोपनीय जांच
नगर क्षेत्रों में सभासदों द्वारा प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से वसूली की सूचना मिल रही है। जिसकी गोपनीय जांच कराई जा रही है। उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गरीबों के आवास पर किसी भी व्यक्ति व कर्मचारियों को हक छिनने पर बख्शा नही जाएगा। लाभार्थी आवास चयन के लिए किसी के लालच में न आए।
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एडीएम ने बताया कि कबरई में निजी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास की जांच पड़ताल करने वाली सर्वे कंपनी आरपीएल लखनऊ के कबरई में तैनात अरविंद, चरखारी के शमशाद, कुलपहाड़ के चंदन व महोबा के प्रमोद के खिलाफ आवास सर्वे, रिपोर्ट देने में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थी। जिसकी जांच के बाद तत्काल प्रभाव से निजी क्षेत्र के चारों अभियंताओं को हटा दिया है। साथ ही सर्वे से जुड़ी निजी क्षेत्र की आरपीएल कंपनी के नए अभियंताओं को लगाया गया है। निष्पक्ष जांच सर्वे आदि के लिए डूडा से चरखारी में 3, महोबा में 4, कुलपहाड़ व कबरई में दो दो और खरेला में एक अभियंता सहित कुल 15 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सभी को फोटो युक्त आईकार्ड जारी किए गए हैं ताकि कोई लाभार्थी भ्रमित न हो। शिकायत आती है तो जांच में सही पाए जाने पर संबंधित को जेल भेजा जाएगा।
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जिले में 1483 नए लाभार्थियों का हुआ चयन
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि 1483 नए लाभार्थियों का चयन जिले में किया गया है। जो जून तक की अंतिम सूची है। इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। पैसा आते ही आवासों का काम शुरू हो जाएगा। बताया कि संबंधित नगर क्षेत्रों में लाभार्थी चयन की पूरी जिम्मेदारी ईओ की है। वही पात्र लोगों का चयन कर डूडा को सूची भेजते हैं। डूडा कोई चयन का काम नहीं करता बल्कि वो मॉनिटरिंग एजेंसी है।
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वसूली की सूचना पर हो रही गोपनीय जांच
नगर क्षेत्रों में सभासदों द्वारा प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से वसूली की सूचना मिल रही है। जिसकी गोपनीय जांच कराई जा रही है। उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गरीबों के आवास पर किसी भी व्यक्ति व कर्मचारियों को हक छिनने पर बख्शा नही जाएगा। लाभार्थी आवास चयन के लिए किसी के लालच में न आए।