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Mahoba News: पहले कुष्ठ को दी मात, अब मरीजों को दे रहे सलाह
Sat, 25 Feb 2023 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 25 Feb 2023 12:12 AM IST
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महोबा। संयम के साथ सही समय पर इलाज से गंभीर बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है भटीपुरा निवासी अखिलेश साहू ने। नियमित इलाज से कुष्ठ को मात दे चुके अखिलेश अब दूसरे मरीजों को सलाह दे रहे हैं। वह कुष्ठ रोग के लक्षण दिखाई देने पर मोहल्ले व आसपास के लोगों को अस्पताल पहुंचाते हैं बल्कि नियमित इलाज के साथ मार्गदर्शन भी कर रहे हैं।
अखिलेश साहू निजी कार चालक हैं। कोरोना काल के दौरान नवंबर 2020 में उनके दाहिने हाथ में सूजन थी और त्वचा मोटी हो गई थी। शुरूआत में इसे मामूली समझ कर उसे नजरअंदाज किया। दिक्कत बढ़ने लगी तो झांसी में जांच कराई। वहां उन्होंने किसी दवा का रिएक्शन बताया। जब जिला अस्पताल आकर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुरेंद्र सिंह से मिले तो उन्होंने इसे कुष्ठ रोग बताया। यह सुनते ही उनके होश उड़ गए। मन में नकारात्मक विचार आने लगे लेकिन आत्मविश्वास के चलते उन्होंने डटकर सामना किया।
अखिलेश बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों की राय और नियमित इलाज से डेढ़ साल में उन्होंने कुष्ठ को मात दे दी। अब वह स्वस्थ हैं। बीमारी से निजात के बाद अब वह सभी को समझाते हैं कि कुष्ठ लाइलाज बीमारी नहीं हैं। समय पर सही उपचार से यह पूरी तरह ठीक हो सकता है।
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कुष्ठ सलाहकार डॉ. आशीष पटेरिया ने बताया कि अखिलेश अपने आसपास के गांवों में भी कुष्ठ अभियान में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर रहे हैं। वह अब तक पांच कुष्ठ रोगियों का इलाज करा चुके हैं।
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अखिलेश साहू निजी कार चालक हैं। कोरोना काल के दौरान नवंबर 2020 में उनके दाहिने हाथ में सूजन थी और त्वचा मोटी हो गई थी। शुरूआत में इसे मामूली समझ कर उसे नजरअंदाज किया। दिक्कत बढ़ने लगी तो झांसी में जांच कराई। वहां उन्होंने किसी दवा का रिएक्शन बताया। जब जिला अस्पताल आकर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुरेंद्र सिंह से मिले तो उन्होंने इसे कुष्ठ रोग बताया। यह सुनते ही उनके होश उड़ गए। मन में नकारात्मक विचार आने लगे लेकिन आत्मविश्वास के चलते उन्होंने डटकर सामना किया।
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अखिलेश बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों की राय और नियमित इलाज से डेढ़ साल में उन्होंने कुष्ठ को मात दे दी। अब वह स्वस्थ हैं। बीमारी से निजात के बाद अब वह सभी को समझाते हैं कि कुष्ठ लाइलाज बीमारी नहीं हैं। समय पर सही उपचार से यह पूरी तरह ठीक हो सकता है।
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कुष्ठ सलाहकार डॉ. आशीष पटेरिया ने बताया कि अखिलेश अपने आसपास के गांवों में भी कुष्ठ अभियान में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर रहे हैं। वह अब तक पांच कुष्ठ रोगियों का इलाज करा चुके हैं।