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ढूंढे नहीं मिल रही बालू
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Wed, 03 Aug 2016 11:09 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सीबीआई के डर से जिले में बालू ढूंढे नहीं मिल रही है। इससे सरकारी और गैर सरकारी भवन निर्माण का कार्य प्रभावित हो रहा है। बालू न आने से तमाम सरकारी भवन निर्माण की योजनाएं अधर में लटक गई है। वहीं, बालू डंप करने वाले विक्रेताओं ने बालू की कीमतें दो गुना बढ़ा दी है। जिले में पालीटेक्निक भवन, आईटीआई, शहर की सीसी सड़कें, केंद्रीय विद्यालय
और आसरा आवास योजना के तहत भवन निर्माण का कार्य चल रहा था। अचानक सीबीआई को अवैध खनन की जांच दिए जाने के बाद से हमीरपुर, बांदा में बालू का अवैध खनन बंद हो गया। इससे निर्माण के लिए बालू कार्यदायी संस्थाओं को ढूंढे नहीं मिल रही है। इससे तमाम मकान अधूरे पड़े है। ठेकेदार बालू सस्ती होने का इंतजार कर रहे है। आसरा आवास योजना के तहत बनाए जा रहे आवासों में बालू की जगह राखी लगाई जा रही है।
बालू का काम बंद होने से ट्रक हो गए खड़े
हमीरपुर से आने वाले बालू के ट्रक पेट्रोल पंपों और सड़क किनारे खड़े हैं। भाड़ा न मिलने से ट्रक संचालकों का कारोबार खासा प्रभावित हो रहा है। वहीं ट्रक चालक और क्लीनरों को काम न मिलने से उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है।
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और आसरा आवास योजना के तहत भवन निर्माण का कार्य चल रहा था। अचानक सीबीआई को अवैध खनन की जांच दिए जाने के बाद से हमीरपुर, बांदा में बालू का अवैध खनन बंद हो गया। इससे निर्माण के लिए बालू कार्यदायी संस्थाओं को ढूंढे नहीं मिल रही है। इससे तमाम मकान अधूरे पड़े है। ठेकेदार बालू सस्ती होने का इंतजार कर रहे है। आसरा आवास योजना के तहत बनाए जा रहे आवासों में बालू की जगह राखी लगाई जा रही है।
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बालू का काम बंद होने से ट्रक हो गए खड़े
हमीरपुर से आने वाले बालू के ट्रक पेट्रोल पंपों और सड़क किनारे खड़े हैं। भाड़ा न मिलने से ट्रक संचालकों का कारोबार खासा प्रभावित हो रहा है। वहीं ट्रक चालक और क्लीनरों को काम न मिलने से उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है।
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