अभियंताओं ने फिल्टर प्लांट और उर्मिल बांध देखा
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श्रीनगर (महोबा)। श्रीनगर और जिला मुख्यालय में प्रदूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत पर शुक्रवार को चित्रकूटधाम मंडल के अभियंताओं ने श्रीनगर फिल्टर प्लांट और उर्मिल बांध का निरीक्षण किया। इस दौरान बांध में मटमैला और कीचड़युक्त पानी पाया गया। अभियंताओं ने एक पंप से आने वाले पानी को फिल्टर करने के निर्देश दिए। बारिश के बाद अचानक उर्मिल बांध का पानी कीचड़युक्त होने से पानी गंदा आने लगा। इस पर लोगों ने शिकायत की। शुक्रवार को जलनिगम बांदा के अधीक्षण अभियंता आरके त्रिपाठी, जल निगम यांत्रिक शाखा के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह, जल निगम सिविल शाखा के अधिशासी अभियंता ओपी वर्मा, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजू भटनागर ने पूर्व श्रम मंत्री सिद्धगोपाल साहू के साथ फिल्टर प्लांट श्रीनगर का निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान अभियंताओं ने पाया कि उर्मिल बांध से एकसाथ फिल्टर प्लांट श्रीनगर में लाया जा रहा पानी अधिक होने से फिल्टर मशीनें पानी साफ नहीं कर पा रही है।
इस पर अभियंताओं ने एक पंप बंद कराकर एक पंप से आने वाले पानी को फिलटर कराया तो पानी काफी साफ पाया गया। इस पर अभियंताओं ने एक पंप से पानी फिल्टर प्लांट में भेजने के जल निगम के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए। अभियंताओं ने जिलाधिकारी को भी इसकी जानकारी दे दी। अभियंताओं की टीम ने उर्मिल बांध का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान इंटैकवेल को देखा। जहां पर दो पंप चलते पाए गए। पंप आपरेटरों ने बताया कि बिजली की समस्या से नियमित पंप नहीं चल पाते हैं और डीजल अकसर खत्म हो जाता है। इस पर अधीक्षण अभियंता ने उर्मिल बांध इंटैकवेल में 1200 लीटर प्रतिदिन डीजल इमरजेंसी के लिए रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर सहायक अभियंता सुनील कुमार, जितेंद्र कुमार, मनोज कुमार मौजूद रहे।